ईरान को पीछे छोड़कर पदक तालिका में सातवें स्थान पर पहुंचा भारत
नागोया। जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन गेम्स में बुधवार को भारत के लिए स्वर्णिम दिन रहा। भारतीय खिलाड़ियों ने एक ही दिन में चार स्वर्ण पदक अपने नाम किए। इनमें तीन स्वर्ण कंपाउंड तीरंदाजी और एक स्वर्ण निशानेबाजी में आया। इन पदकों के साथ भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या 10 हो गई, जबकि कुल पदक संख्या 59 पहुंच गई। उपलब्ध अपडेट के अनुसार भारत पदक तालिका में ईरान को पीछे छोड़कर सातवें स्थान पर पहुंच गया।
दिन की शुरुआत भारतीय महिला कंपाउंड तीरंदाजी टीम के स्वर्ण पदक से हुई। ज्योति सुरेखा वेन्नम, चिकिथा तनिपार्थी और पृथिका प्रदीप की टीम ने चीन को 238-234 से हराकर खिताब अपने नाम किया। भारतीय टीम ने इस मुकाबले में शानदार प्रदर्शन किया और अपने खिताब का बचाव किया। टीम का प्रदर्शन इतना प्रभावशाली रहा कि उसने विश्व रिकॉर्ड की बराबरी भी की।
इसके बाद चिकिथा तनिपार्थी और साहिल जाधव की जोड़ी ने कंपाउंड मिश्रित टीम स्पर्धा में भारत को दूसरा स्वर्ण दिलाया। दक्षिण कोरिया के खिलाफ मुकाबला बेहद रोमांचक रहा और निर्धारित चार एंड के बाद स्कोर बराबर रहने पर शूट-ऑफ का सहारा लिया गया। शूट-ऑफ में भारतीय जोड़ी ने बाजी मारकर स्वर्ण पदक जीता। इस जीत के साथ दोनों ने 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक के लिए भारत का कोटा भी हासिल किया।
कंपाउंड तीरंदाजी में भारत की स्वर्णिम हैट्रिक पुरुष टीम स्पर्धा में पूरी हुई। साहिल जाधव, गणेश मणि रत्नम और कुशल दलाल की भारतीय टीम ने फाइनल में चीन को 238-237 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। मुकाबला बेहद करीबी रहा और चीन की टीम एक अंक से पीछे रह गई। इसके साथ भारत ने कंपाउंड तीरंदाजी के तीनों टीम स्वर्ण पदकों पर कब्जा बरकरार रखा।
निशानेबाजी में नीरू ढांडा और किनान चेनाई ने ट्रैप मिश्रित टीम स्पर्धा में भारत को स्वर्ण दिलाया। भारतीय जोड़ी ने 34 अंक हासिल किए, जबकि कतर की टीम 32 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रही और चीन को कांस्य पदक मिला। नीरू ढांडा का यह प्रतियोगिता में लगातार दूसरा स्वर्ण पदक है।
भारत के लिए मुक्केबाजी में भी अच्छी खबर रही। ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन ने महिलाओं के 75 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में कजाखस्तान की नताल्या बोगदानोवा को 3-2 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। अब लवलीना के पास स्वर्ण पदक जीतने का मौका है।
महिलाओं के 60 किलोग्राम वर्ग में प्रिया घंघास को सेमीफाइनल में चीन की यांग चेंगयू से 1-4 से हार मिली। उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। पुरुषों के 90 किलोग्राम वर्ग में कपिल पोखरिया भी सेमीफाइनल में उज्बेकिस्तान के तुराबेक खाबिबुल्लाएव से 1-4 से हार गए और कांस्य पदक जीता।
स्क्वॉश में भारत की पुरुष टीम ने कुवैत को क्वार्टर फाइनल में 2-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। इस जीत के साथ भारत का एक और पदक पक्का हो गया है। भारत अब सेमीफाइनल में मलेशिया से मुकाबला करेगा।
इस तरह एशियन गेम्स के 12वें दिन भारत ने तीरंदाजी और निशानेबाजी में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने स्वर्ण पदकों की संख्या 10 तक पहुंचा दी। कंपाउंड तीरंदाजी में एक ही दिन तीन स्वर्ण जीतना भारतीय दल के लिए दिन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल रहा।




















