मुरारपुर मोड़ हाईवे पर अज्ञात बोलेरो वाहन की टक्कर में घायल युवक ने समय पर इलाज न होने के कारण तोड़ा दम, परिजनों ने स्थानीय पुलिस व एंबुलेंस की लापरवाही पर लगाए गंभीर आरोप
बाराबंकी। एन एच 27 राष्ट्रीय राजमार्ग पर गुरुवार दोपहर हुए सड़क हादसे के बाद एक घायल युवक का समय पर इलाज और एंबुलेंस न मिलने के कारण करीब दो घंटे तक जिंदगी और मौत जूझने के बाद उसकी मौत हो गई । गंभीर हालत में सीएचसी से रेफर किए जाने के बावजूद उसे जिला अस्पताल ले जाने की व्यवस्था नहीं हो सकी और आखिरकार शाम करीब पांच बजे उसने दम तोड़ दिया।
रामसनेहीघाट कोतवाली क्षेत्र के मुरारपुर मोड़ के पास गुरुवार दोपहर करीब 2:30 बजे अज्ञात बोलेरो ने तीन मोटर साइकिलों में टक्कर मारते हुए बाइक सवार युवक को टक्कर मार दी। हादसे में गंभीर रूप से घायल युवक को राहगीरों की मदद से करीब दस मिनट बाद बनीकोडर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया।
डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी नाजुक हालत देखते हुए तीन बजे से पहले ही जिला अस्पताल रेफर कर दिया। मृतक के परिजनों का आरोप है कि रेफर होने के बाद भी एंबुलेंस चालक घायल को ले जाने के लिए तैयार नहीं हुआ, क्योंकि उसके साथ कोई परिजन मौजूद नहीं था। इसी दौरान पुलिस भी अस्पताल पहुंची, लेकिन काफी देर तक जिला अस्पताल ले जाने की कोई व्यवस्था नहीं हो सकी। घायल युवक ग्लूकोज की बोतल लगी अवस्था में अस्पताल परिसर में ही तड़पता रहा।
करीब शाम पांच बजे युवक ने दम तोड़ दिया। इसके लगभग आधे घंटे बाद रामसनेहीघाट क्षेत्र के नारायणपुर गांव से पहुंचे परिजनों ने उसकी पहचान शिवमगन चौहान (45) के रूप में की। परिजनों ने बताया कि शिवमगन अपनी साली को छोड़ने पूरेदलई क्षेत्र के बरेठी गांव गए थे। लौटते समय वह हादसे का शिकार हो गए।
सीएचसी अधीक्षक ने बताया कि घायल की हालत अत्यंत गंभीर होने के कारण उसे तत्काल उच्च केंद्र रेफर कर दिया गया था। वहीं रामसनेहीघाट कोतवाली प्रभारी दयाशंकर द्विवेदी ने बताया कि युवक की हालत बेहद गंभीर थी और उसकी अस्पताल में ही मौत हो गई।








