जिला कृषि अधिकारी का औचक निरीक्षण, टैगिंग और अधिक कीमत पर बिक्री करने वालों को दी सख्त चेतावनी
बाराबंकी। खरीफ सीजन में किसानों को निर्धारित दर पर उर्वरक उपलब्ध कराने और कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से जिला कृषि अधिकारी राजित राम ने गुरुवार को विकास खंड निंदूरा क्षेत्र में 12 उर्वरक बिक्री केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान तीन खाद विक्रेताओं के प्रतिष्ठान बंद पाए जाने पर उनके उर्वरक विक्रय प्राधिकार-पत्र तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए।
निरीक्षण के दौरान मेसर्स एच.आर. फर्टिलाइजर्स भवानीपुर, शिव खाद भंडार बड्डूपुर तथा सिंह खाद भंडार भगौली तीर्थ के प्रतिष्ठान बंद मिले। इस पर विभाग ने तीनों विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनके लाइसेंस निलंबित कर दिए।
इसी दौरान कुर्सी-महमूदाबाद रोड पर एक ऑटो रिक्शा में लदी 10 बोरी यूरिया को रोककर जांच की गई। जांच में किसान रजनीश कुमार निवासी टिकरा, बड्डूपुर ने बताया कि उन्होंने अपनी फार्मर रजिस्ट्री के आधार पर तीन किसानों के लिए कुल 10 बोरी यूरिया खरीदी है। इसमें रजनीश कुमार के नाम चार बोरी, रेखा कुमारी के नाम चार बोरी तथा राम प्रताप के नाम दो बोरी यूरिया नरपतिपुर शहरी समिति से खरीदी गई थी। जांच में खरीद प्रक्रिया नियमों के अनुरूप पाए जाने पर वाहन को जाने दिया गया।
जिला कृषि अधिकारी ने सभी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देश दिए कि किसानों को बिना किसी अनावश्यक टैगिंग के केवल पीओएस मशीन के माध्यम से निर्धारित सरकारी मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराया जाए। जिन किसानों की फार्मर रजिस्ट्री चकबंदी, खतौनी, नाम मिलान या वरासत जैसी तकनीकी समस्याओं के कारण नहीं बन पा रही है, उनका भौतिक सत्यापन कर भूमि अभिलेख और बोई गई फसल के आधार पर उर्वरक उपलब्ध कराया जाए। साथ ही बिक्री पंजिका में किसान का नाम, पता, मोबाइल नंबर, फार्मर पंजीकरण संख्या, भूमि का विवरण और फसल संबंधी जानकारी अनिवार्य रूप से दर्ज करने के निर्देश दिए गए।
जिला कृषि अधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि कोई विक्रेता निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर उर्वरक बेचते या टैगिंग जैसी अनियमितता करते पाया गया तो उसके विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 की धारा 3/7 के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।








