श्रावस्ती। जिले के विकास और बेहतर रेल कनेक्टिविटी की लंबे समय से चली आ रही उम्मीद अब धीरे-धीरे जमीन पर उतरती नजर आ रही है। खलीलाबाद से सिद्धार्थनगर, बलरामपुर और श्रावस्ती होते हुए बहराइच तक प्रस्तावित करीब 240 किलोमीटर लंबी नई रेललाइन परियोजना पर काम तीन चरणों में आगे बढ़ रहा है। इस परियोजना के पूरा होने से श्रावस्ती समेत आसपास के पिछड़े और सीमावर्ती इलाकों के लोगों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है।
करीब 4,940 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना पर मार्च 2026 तक लगभग 1,525 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। वहीं वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए परियोजना के लिए 686 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। खलीलाबाद-बांसी के बीच करीब 54 किलोमीटर हिस्से में मिट्टी पटाई, पुल-पुलियों और स्टेशन निर्माण से जुड़े काम आगे बढ़ रहे हैं। इससे परियोजना के शुरुआती हिस्से में निर्माण गतिविधियां तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।
वहीं बांसी से इकौना और इकौना से बहराइच तक के हिस्से में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है। खास तौर पर इकौना-बहराइच के बीच करीब 66 किलोमीटर हिस्से के लिए जमीन जुटाने का काम चल रहा है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस हिस्से में भी निर्माण कार्य को गति मिलने की उम्मीद है। नई रेललाइन के रास्ते में आने वाले क्षेत्रों के लिए यह परियोजना केवल एक रेल मार्ग नहीं, बल्कि विकास और रोजगार के नए अवसरों की उम्मीद भी लेकर आ रही है।
परियोजना पूरी होने के बाद श्रावस्ती, बलरामपुर और बहराइच जैसे जिलों को सीधे तौर पर बेहतर रेल संपर्क का लाभ मिलेगा। खासकर श्रावस्ती जैसे पर्यटन और ऐतिहासिक महत्व वाले जिले के लिए रेल कनेक्टिविटी बढ़ना स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आने वाले यात्रियों के लिए भी बड़ी सुविधा साबित हो सकता है। लंबे समय से रेल सुविधा का इंतजार कर रहे लोगों की नजर अब इस परियोजना की रफ्तार और इसके धरातल पर पूरा होने पर टिकी है।





















