आज़ाद वर्मा हत्याकांड में विवेचना ने पलटी पूरी कहानी, सर्विलांस-इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से दो नए आरोपी गिरफ्तार, अब जांच के घेरे में शुरुआती थ्योरी
✍️ विशेष संवाददाता : सर्वेश कुमार सिंह
सुलतानपुर । जनपद के बहुचर्चित आज़ाद वर्मा हत्याकांड में पुलिस विवेचना ने ऐसा मोड़ लिया है, जिसने पूरे घटनाक्रम की दिशा बदल दी है। अब तक नामजद आरोपियों पर केंद्रित जांच के बीच पुलिस ने सर्विलांस, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर दो नए आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस कार्रवाई के बाद यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।
पुलिस ने अभिषेक वर्मा पुत्र विजय बहादुर तथा अभिषेक कुमार पुत्र रामजनक, निवासी कारीबहार, थाना गोसाईंगंज को गिरफ्तार कर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया, जहां से दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
पुलिस विवेचना के अनुसार, दोनों आरोपी आज़ाद वर्मा को अपने साथ चार पहिया वाहन से ले गए थे। जांच में सामने आए साक्ष्यों के अनुसार वाहन के भीतर फायरिंग हुई, जिसमें आज़ाद को गोली लगी। इसके बाद उसे बचाने का प्रयास किया गया, लेकिन सफल न होने पर उसे छोड़कर आरोपी फरार हो गए। घायल आज़ाद को इलाज के लिए लखनऊ ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।
यह मामला शुरुआत से ही विवादों में रहा। घटना के बाद वायरल वीडियो, मृतक के भाई की तहरीर, पिता के अलग बयान और नामजद आरोपियों के परिजनों द्वारा जारी सीसीटीवी संबंधी दावों ने कई सवाल खड़े किए। इस बीच सोशल मीडिया पर भ्रामक और भड़काऊ पोस्टों को लेकर भी पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस अधीक्षक चारु निगम के पर्यवेक्षण में पूरी जांच बेहद गोपनीय ढंग से आगे बढ़ाई गई। सर्विलांस और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर नए तथ्य सामने आने के बाद दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी की गई। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ते हुए आगे की विवेचना कर रही है।
जांच के इस नए मोड़ के बाद यह चर्चा भी तेज हो गई है कि यदि पहले नामजद किए गए कुछ आरोपियों के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलते हैं, तो विवेचना के आधार पर उन्हें राहत मिल सकती है। हालांकि, इस संबंध में अंतिम निर्णय पुलिस की विवेचना और न्यायालय की प्रक्रिया के बाद ही होगा।
फिलहाल इतना स्पष्ट है कि आज़ाद वर्मा हत्याकांड में तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर हुई इस कार्रवाई ने पूरे मामले की तस्वीर बदल दी है। आने वाले दिनों में विवेचना से और भी महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की संभावना है।








