दिल्ली के पूर्व मंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता सत्येंद्र जैन को दिल्ली जल बोर्ड से जुड़े कथित टेंडर घोटाले के मामले में बड़ी राहत मिली है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने गुरुवार को उनकी जमानत याचिका मंजूर कर ली। अदालत के इस फैसले के बाद जैन को फिलहाल राहत मिल गई है। हालांकि, मामले की जांच और इससे जुड़ी कानूनी कार्यवाही आगे भी जारी रहेगी। सत्येंद्र जैन को दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के अपग्रेडेशन से संबंधित ठेकों की टेंडर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के मामले में गिरफ्तार किया गया था। इस मामले की जांच दिल्ली की एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) कर रही है।
18 अगस्त को हुई थी गिरफ्तारी
विशेष न्यायाधीश (पीसी एक्ट) दिग्विनय सिंह ने सत्येंद्र जैन की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्हें जमानत देने का आदेश पारित किया। ACB ने जैन को इस मामले में 18 अगस्त 2026 को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के अगले दिन यानी 19 अगस्त को अदालत ने उनकी गिरफ्तारी को अवैध घोषित करने से इनकार कर दिया था। अब जमानत मिलने के बाद जैन के लिए यह राहत का बड़ा फैसला माना जा रहा है। हालांकि, अदालत से जमानत मिलने का मतलब यह नहीं है कि मामले में आरोप समाप्त हो गए हैं। जांच एजेंसी की कार्रवाई और मामले की न्यायिक प्रक्रिया आगे भी चलती रहेगी।
टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप
यह मामला दिल्ली सरकार के डायरेक्टोरेट ऑफ विजिलेंस की शिकायत के बाद मई 2024 में दर्ज किया गया था। जांच एजेंसी का आरोप है कि दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स को अपग्रेड करने के लिए जारी किए गए ठेकों की टेंडर प्रक्रिया में कथित तौर पर अनियमितताएं बरती गईं। एजेंसी के मुताबिक, ठेकों की शर्तों में कथित रूप से हेरफेर किए जाने और कुछ कंपनियों को अनुचित लाभ पहुंचाने की आशंका की जांच की जा रही है। मामले में आपराधिक साजिश और कथित रिश्वतखोरी से जुड़े आरोपों की भी जांच शामिल है।
जमानत के बाद भी जारी रहेगी जांच
अदालत के जमानत आदेश के बाद सत्येंद्र जैन को इस मामले में तत्काल राहत मिली है, लेकिन जांच एजेंसी मामले से जुड़े तथ्यों और आरोपों की जांच जारी रखेगी। आगे की सुनवाई के दौरान मामले से संबंधित दस्तावेज, साक्ष्य और जांच की प्रगति अदालत के सामने रखी जाएगी। फिलहाल राउज एवेन्यू कोर्ट के जमानत आदेश को सत्येंद्र जैन के लिए महत्वपूर्ण राहत के तौर पर देखा जा रहा है। दिल्ली जल बोर्ड टेंडर मामले में आने वाले दिनों में जांच और अदालत की कार्यवाही पर सभी की नजर रहेगी।





















