मथुरा से रोहित कुमार की खास रिपोर्ट: भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का पर्व रक्षाबंधन शुक्रवार को जिला कारागार मथुरा में भी श्रद्धा और भावुकता के साथ मनाया गया। अपने बंदी भाइयों की कलाई पर राखी बांधने के लिए बड़ी संख्या में बहनें जेल पहुंचीं। लंबे समय बाद भाई को सामने देखकर कई बहनों की आंखें नम हो गईं, वहीं राखी बंधवाते समय बंदी भाइयों के चेहरों पर भी भावुकता साफ दिखाई दी।
रक्षाबंधन को लेकर जिला कारागार प्रशासन की ओर से विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। मुलाकात के दौरान बहनों और बंदी भाइयों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए आवश्यक इंतजाम किए गए। सुबह से ही जिला कारागार के बाहर बहनों की आवाजाही शुरू हो गई थी। हाथों में राखी और मिठाई लिए बहनें अपने भाइयों से मिलने के लिए उत्सुक नजर आईं। औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब उन्हें भाइयों से मिलने का मौका मिला तो माहौल भावनाओं से भर गया।
मुलाकात के दौरान बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी और माथे पर तिलक लगाकर उनकी लंबी उम्र और बेहतर भविष्य की कामना की। भाइयों ने भी बहनों को आशीर्वाद दिया और हर परिस्थिति में उनके साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया। इस दौरान कई बहनें भाई को सामने पाकर खुद को रोक नहीं सकीं और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। भाइयों ने भी बहनों को ढांढस बंधाते हुए उन्हें मजबूत रहने के लिए कहा।
जेल की चारदीवारी के बीच मनाए गए रक्षाबंधन ने यह एहसास कराया कि परिस्थितियां चाहे जैसी हों, भाई-बहन के रिश्ते की भावनाएं कम नहीं होतीं। अपने परिवार से दूर बंदी भाइयों के लिए बहनों की यह मुलाकात बेहद खास रही। पूरे दिन कारागार परिसर में भाई-बहन के स्नेह, भावुकता और पारिवारिक रिश्तों की गर्माहट देखने को मिली। जिला कारागार प्रशासन ने भी मुलाकात व्यवस्था को सुचारु और शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए विशेष ध्यान दिया।






















