प्रयागराज। मेजा ऊर्जा निगम में 80वां स्वतंत्रता दिवस पूरे उत्साह, उमंग और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। समारोह में मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री जी. श्रीनिवास राव और अपराजिता महिला समाज की अध्यक्षा श्रीमती कविता राव की मौजूदगी ने आयोजन को खास बना दिया। कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ के गायन से हुई। इसके बाद मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और सभी ने एक स्वर में राष्ट्रगान गाकर राष्ट्रीय सलामी दी। पूरे परिसर में तिरंगे के प्रति सम्मान और देश के प्रति गर्व का माहौल नजर आया।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने संबोधन में श्री जी. श्रीनिवास राव ने आजादी के साथ जुड़ी जिम्मेदारियों और सामूहिक विकास के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने मेजा ऊर्जा निगम द्वारा देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के साथ सतत विकास की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया। संबोधन के बाद अपराजिता महिला समाज की सदस्याओं ने भावपूर्ण देशभक्ति गीत प्रस्तुत किया, जिसने समारोह में मौजूद लोगों को भावुक कर दिया और वातावरण को देशभक्ति से भर दिया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में बाल भवन, बाल सृजन और सेंट जोसेफ स्कूल के बच्चों ने देशभक्ति और भारतीय संस्कृति से जुड़ी शानदार प्रस्तुतियां दीं। बच्चों के उत्साह और आत्मविश्वास ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। समारोह में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जवानों ने सुरक्षा ड्रिल का प्रदर्शन कर अपनी दक्षता और सजगता का परिचय दिया। वहीं उत्कृष्ट योगदान और उपलब्धियों के लिए कर्मचारियों, सीआईएसएफ कर्मियों और विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में श्री नरेंद्र नाथ सिन्हा, मुख्य महाप्रबंधक (संचालन एवं अनुरक्षण), श्री शरद सिंह (महाप्रबंधक, परियोजना), श्री अशोक कुमार सामल (महाप्रबंधक, अनुरक्षण), श्री अंशु बरुआ (मुख्य वित्तीय अधिकारी), डॉ. ए.के. चौधरी (मुख्य चिकित्सा अधिकारी), श्री विवेक चंद्र, विभागाध्यक्ष (मानव संसाधन), श्री विकास द्विवेदी, विभागाध्यक्ष (संविदा एवं सामग्री), यूनियन एवं एसोसिएशन के प्रतिनिधि, कर्मचारी, उनके परिवारजन तथा अपराजिता महिला समाज की सदस्याएं मौजूद रहीं। सभी की उत्साहपूर्ण भागीदारी से समारोह का माहौल जीवंत बना रहा। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगौरव और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के संकल्प के साथ हुआ।






















