30 सितंबर को इंडिया गठबंधन की बैठक संभव, ममता बनर्जी और माकपा के बीच भी बातचीत
नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्षी दलों के बीच समन्वय बढ़ता दिखाई दे रहा है। सूत्रों के मुताबिक, इंडिया गठबंधन के कई दल 30 सितंबर को नई दिल्ली में बैठक कर सकते हैं। बैठक में चुनाव आयोग से जुड़े हालिया विवाद, SIR और विपक्ष की आगे की रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है।
इससे एक दिन पहले यानी 29 सितंबर को कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक भी प्रस्तावित है। इसमें पार्टी SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर अपनी रणनीति पर चर्चा कर सकती है।
चुनाव आयोग के मुद्दे पर विपक्षी दलों में बढ़ा संपर्क
यह घटनाक्रम चुनाव आयोग के भीतर SIR से जुड़े कुछ फैसलों को लेकर कथित मतभेदों की रिपोर्ट सामने आने के बाद हुआ है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने अक्टूबर 2025 से अगस्त 2026 के बीच आयोग के कई फैसलों और आदेशों पर आपत्तियां दर्ज कराई थीं। रिपोर्ट में ऐसी 14 आपत्तियों का उल्लेख किया गया है।
हालांकि, चुनाव आयोग ने इन रिपोर्टों के आधार पर आयोग में किसी संस्थागत टूट की धारणा को खारिज किया है। आयोग का कहना है कि उसके फैसलों और आदेशों को तीनों आयुक्तों की संवैधानिक व्यवस्था के तहत वैधता प्राप्त है और विचारों में अंतर संस्थागत विचार-विमर्श का हिस्सा हो सकता है।
ममता बनर्जी और माकपा के बीच हुई बातचीत
इस पूरे विवाद का एक अहम राजनीतिक पहलू पश्चिम बंगाल में देखने को मिला है। लंबे समय से राज्य की राजनीति में एक-दूसरे की प्रमुख प्रतिद्वंद्वी रही तृणमूल कांग्रेस (TMC) और माकपा ने चुनाव आयोग और SIR के मुद्दे पर आपस में संपर्क किया है।
रिपोर्टों के मुताबिक, माकपा महासचिव एमए बेबी ने विपक्षी दलों की बैठक बुलाने की पहल की और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से फोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं के बीच चुनाव आयोग की विश्वसनीयता और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर विपक्षी दलों के बीच समन्वय की जरूरत पर चर्चा हुई।
इससे पहले माकपा, भाकपा और भाकपा (माले) लिबरेशन की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने और SIR पर रोक लगाने की मांग भी सामने आ चुकी है।
ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए नए प्रस्ताव की तैयारी
विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए संसद में एक नए प्रस्ताव की संभावना पर भी विचार कर रहे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, इस संबंध में कानूनी पहलुओं की समीक्षा की जा रही है। इसे संसद के दोनों सदनों में लाने की तैयारी की बात सामने आई है।
हालांकि, प्रस्तावित बैठक और आगे की संसदीय रणनीति को लेकर अंतिम निर्णय संबंधित दलों की बैठक के बाद ही स्पष्ट होगा।
SIR को लेकर क्या है विवाद?
SIR का उद्देश्य मतदाता सूचियों का विशेष पुनरीक्षण करना है। मौजूदा विवाद में विपक्षी दलों ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और बहाल करने की प्रक्रिया तथा चुनाव आयोग के डेटा सिस्टम से जुड़े सवाल उठाए हैं।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दोनों चुनाव आयुक्तों ने मतदाता सूची और SIR से जुड़े कई फैसलों पर आपत्तियां दर्ज की थीं। दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने कहा है कि इन मतभेदों को आयोग के कामकाज में टूट के रूप में देखना उचित नहीं है।
अब 29 सितंबर की कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक और संभावित 30 सितंबर की इंडिया गठबंधन बैठक के बाद विपक्ष की आगे की रणनीति और संसद में प्रस्ताव को लेकर तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।





















