लखनऊ के सरोजनीनगर क्षेत्र में एक रेलवे कर्मचारी ने प्रॉपर्टी डीलर पर जालसाजी, कूटरचना कर एग्रीमेंट तैयार कराने, रुपये हड़पने और धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने मामले की शिकायत डीसीपी दक्षिणी से की थी। उनके आदेश पर बिजनौर थाने की पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला जमीन की खरीद-फरोख्त से जुड़ा है।
आलमबाग की बीजी कॉलोनी निवासी नीरज कुमार रेलवे में सरकारी कर्मचारी हैं। नीरज के मुताबिक, उन्होंने व्यक्तिगत लोन चुकाने के लिए अलीनगर सुनहरा स्थित 800 वर्गफुट का भूखंड बेचने का फैसला किया था। इसके लिए उनकी बातचीत उन्नाव के भपटामऊ निवासी प्रॉपर्टी डीलर नवनीत पटेल से हुई। दोनों के बीच जमीन का सौदा 15 लाख रुपये में तय हुआ था। आरोप है कि 28 जून 2026 को नवनीत ने दो किस्तों में एक लाख रुपये दिए।
नीरज का आरोप है कि इसके बाद तैयार कराए गए एग्रीमेंट में जमीन की कीमत छह लाख रुपये दर्ज की गई। पूछने पर प्रॉपर्टी डीलर ने मालियत के हिसाब से कीमत लिखने की बात कही और बाकी नौ लाख रुपये बाद में देने का भरोसा दिया। पीड़ित के मुताबिक, एग्रीमेंट में तीन महीने की अवधि दर्ज कराने की बात हुई थी, लेकिन उसमें 36 महीने लिख दिए गए। विरोध करने पर आरोपी ने इसे गलती बताया।
पीड़ित का आरोप है कि बाद में रुपये मांगने पर प्रॉपर्टी डीलर टालमटोल करने लगा और छह लाख रुपये में ही कोर्ट के माध्यम से जमीन अपने नाम कराने के साथ नौकरी छिनवाने की धमकी दी। नीरज ने आरोपी पर जातिसूचक गालियां देने का भी आरोप लगाया है। फिलहाल, उनकी तहरीर पर बिजनौर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।




















