दलित किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप
पिता को तहरीर पर गांव के दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
लखीमपुर खीरी। सिंगाही थाना क्षेत्र के एक गांव में 14 वर्षीय कक्षा 7 की अनुसूचित जाति की किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने नामजद दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है, लेकिन इस संवेदनशील मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली और कार्रवाई की टाइमिंग को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। परिजनों का आरोप है कि घटना की तुरंत सूचना देने के बावजूद पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने और पीड़िता को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजने में करीब 20 घंटे से अधिक की ढुलमुल देरी की।
शनिवार को पीड़िता के पिता ने शिकायत में बताया कि उनकी 14 वर्षीय पुत्री भोर में करीब 3 बजे शौच के लिए गई थी। इसी दौरान गांव के ही दो युवकों लाखन पुत्र शिव कुमार और साकिब पुत्र स्व. साहिद ने उसे जबरन खींच करीब 500 मीटर दूरी पर मौजूद एक केले के खेत में ले गए, जहाँ दोनों ने उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाया। वारदात के बाद आरोपियों ने पीड़िता को धमकी दी कि यदि उसने घर वालों को कुछ भी बताया, तो उसे जान से मार दिया जाएगा। सुबह करीब 5 बजे जब पीड़िता कीचड़ से सनी हालत में रोती हुई घर पहुंची, तब परिजनों को इस भयावह घटना की जानकारी हुई। इस पूरे मामले में स्थानीय पुलिस की भूमिका पर बड़े सवाल उठ रहे हैं। पीड़िता के पिता का स्पष्ट आरोप है कि शनिवार अपराह्न 12 बजे घटना की सूचना पुलिस को दे दी गई थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपियों को तो तुरंत पकड़ लिया, लेकिन पीड़िता और उसके परिवार को प्रताड़ना झेलनी पड़ी। शनिवार अपराह्न 12 बजे तहरीर देने वास्ते थाने पहुंचे तो हम थाने पर बैठे रहे न तो समय पर दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया और न ही मेरी बेटी को तुरंत मेडिकल के लिए भेजा गया। घटना के करीब 20 घंटे बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर हमें घर भेजा। तब तक हम पीड़ित होने के बावजूद अपराधियों की तरह थाने में बैठने को मजबूर थे। शनिवार रात करीब 11 बजे पुलिस ने आखिरकार मामला दर्ज कर पीड़िता को रविवार सुबह मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा है। पूरे क्षेत्र की निगाहें अब मेडिकल रिपोर्ट और फोरेंसिक साक्ष्यों पर टिकी हैं।
क्षेत्राधिकारी निघासन शिवम कुमार का कहना है कि मामले की हर पहलू से गहनता से जांच की जा रही है। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और हिरासत में लिए गए दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस का दावा है कि मेडिकल रिपोर्ट में सामूहिक दुष्कर्म की पुष्टि और पीड़िता के बयानों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ संबंधित कानूनी धाराओं के तहत बेहद कठोर दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।








