संतकबीरनगर। जिलाधिकारी आलोक कुमार के निर्देश पर कृषि विभाग ने बघौली क्षेत्र में उर्वरक प्रतिष्ठानों और गोदामों पर व्यापक छापेमारी अभियान चलाया। जिला कृषि अधिकारी डॉ. सर्वेश कुमार यादव के नेतृत्व में हुई कार्रवाई के दौरान 10 खाद दुकानों का निरीक्षण किया गया। सात उर्वरक नमूने जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला भेजे गए, जबकि दो प्रतिष्ठानों के संचालकों के मौके से अनुपस्थित मिलने पर उनके लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पीओएस मशीन में दर्ज स्टॉक का भौतिक स्टॉक से मिलान किया और मौके पर मौजूद किसानों से खाद वितरण की स्थिति की जानकारी भी ली। जांच के समय जनता खाद भंडार (देवापार) और लतीफ खाद भंडार (काबरा) के संचालक दुकान बंद कर चले गए, जिसके चलते दोनों प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए।
जिला कृषि अधिकारी ने सभी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देश दिए कि किसानों को केवल फार्मर रजिस्ट्री के अनुसार ही खाद का वितरण सुनिश्चित किया जाए। अभियान के दौरान अब्दुल कादिर खाद भंडार (पचपोखरी), जनता खाद भंडार (पचपोखरी), आईएफएफडीसी पचपोखरी, साधन सहकारी समिति बसडीला, बाबूराम खाद भंडार (महानपार), चौधरी खाद भंडार (महानपार) और किसान खाद भंडार (माधोपुर) समेत कई प्रतिष्ठानों की जांच की गई।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जिले में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है। वर्तमान में 18,304 मीट्रिक टन यूरिया और 4,908 मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध है। अब तक किसानों को 9,142 मीट्रिक टन यूरिया और 1,669 मीट्रिक टन डीएपी वितरित किया जा चुका है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अपनी आवश्यकता और जोत के अनुसार ही उर्वरक खरीदें।







