श्रावस्ती। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर भिनगा स्थित डीपीआरसी भवन में आयोजित कार्यक्रम में देश के विभाजन की त्रासदी को याद किया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग और भाजपा विधायक राम फेरन पांडेय ने विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले ज्ञात-अज्ञात लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान माहौल गंभीर और भावुक नजर आया, वहीं विभाजन का दर्द झेलकर भारत आए परिवारों के संघर्ष को भी सम्मान के साथ याद किया गया।
कार्यक्रम में भारत विभाजन से जुड़ी घटनाओं पर आधारित करीब पांच मिनट की एक फिल्म भी दिखाई गई। फिल्म के जरिए उस दौर की हिंसा, विस्थापन और अपने घर-बार से बिछड़ने की पीड़ा को सामने रखने का प्रयास किया गया। विभाजन पीड़ित परिवारों को सम्मानित करते हुए उनके त्याग और संघर्ष को नमन किया गया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों के लिए यह पल सिर्फ इतिहास को याद करने का नहीं, बल्कि उन परिवारों की पीड़ा को समझने का भी रहा, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों के बीच नए सिरे से अपना जीवन शुरू किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक राम फेरन पांडेय ने कहा कि 15 अगस्त 1947 को देश आजाद हुआ, लेकिन उससे ठीक एक दिन पहले 14 अगस्त को भारत ने विभाजन की भयावह त्रासदी भी देखी। उन्होंने कहा कि इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों की जान गई और लाखों परिवारों को अपना घर छोड़कर विस्थापित होना पड़ा। विधायक ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाने का उद्देश्य किसी के प्रति वैमनस्य पैदा करना नहीं, बल्कि इतिहास के उस अध्याय से सीख लेना है, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी दोबारा न दोहराई जाए।
उन्होंने कहा कि विभाजन का दर्द सहने वाले परिवारों ने तमाम मुश्किलों के बावजूद देश के प्रति अपना विश्वास और प्रेम बनाए रखा। उनके अनुभव आज की पीढ़ी के लिए महत्वपूर्ण हैं। कार्यक्रम ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि इतिहास को याद करने का सबसे बेहतर तरीका उससे सीख लेना है। एकता, भाईचारा और देश की अखंडता को मजबूत रखना ही उन पीड़ित परिवारों और विभाजन में जान गंवाने वालों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि हो सकती है।






















