एटा/जलेसर। अवागढ़ विकासखंड क्षेत्र के गांव मीसा कला में चकबंदी की समस्याओं को लेकर शुक्रवार को किसानों का आक्रोश फूट पड़ा। ग्रामीणों ने गांव पहुंचे तीन चकबंदी लेखपालों को एक कमरे में बंद कर दिया। लेखपालों को छुड़ाने पहुंचे चकबंदी अधिकारी रणवीर सिंह को भी किसानों ने कई घंटे तक नजरबंद रखा। ग्रामीणों का आरोप है कि चकबंदी के दौरान बड़ी संख्या में किसानों के चक गलत बनाए गए हैं, जिससे वे लंबे समय से परेशान हैं।
ग्रामीणों के अनुसार गांव में चकबंदी प्रक्रिया चल रही है, लेकिन चक तैयार करते समय नियमों का सही तरीके से पालन नहीं किया गया। किसानों ने आरोप लगाया कि गलत चकों को सही कराने के नाम पर उनसे परेशान किया जा रहा है। शुक्रवार को लेखपाल विवेक कुमार, कानूनगो विजय कुमार दीक्षित और संजीव शर्मा गांव पहुंचे तो किसानों का गुस्सा बढ़ गया और उन्होंने तीनों को एक कमरे में बंद कर दिया। मामले की जानकारी मिलने पर चकबंदी अधिकारी रणवीर सिंह भी गांव पहुंचे, लेकिन किसानों और अधिकारी के बीच बातचीत से तत्काल समाधान नहीं निकल सका। इसके बाद ग्रामीणों ने उन्हें भी नजरबंद कर लिया।
कई घंटे तक ग्रामीणों के बीच घिरे रहे चकबंदी अधिकारी और कर्मचारियों को किसानों की नाराजगी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं सामने रखते हुए चकों को सही कराने की मांग की। किसानों के दबाव के बाद चकबंदी अधिकारी ने उनकी समस्याओं का एक माह के भीतर निस्तारण कराने का आश्वासन दिया। आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों का आक्रोश शांत हुआ और उन्होंने चकबंदी अधिकारी तथा लेखपालों को छोड़ दिया।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि एक माह के भीतर चकबंदी से जुड़ी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। किसानों का कहना है कि चकबंदी में हुई कथित गड़बड़ियों के कारण उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ रही है और अब वे मामले का स्थायी समाधान चाहते हैं।






















