यूपी कैबिनेट | ग्रामीण अर्थव्यवस्था से तकनीकी विकास तक बड़े फैसले
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में ग्रामीण अर्थव्यवस्था, औद्योगिक निवेश, सड़क संपर्क, शिक्षा और तकनीक से जुड़े 22 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए गाय पालने पर 50 हजार रुपये तक अनुदान और पशु बीमा प्रीमियम का 85 प्रतिशत खर्च सरकार उठाएगी। चार लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण पर करीब 17,542 करोड़ रुपये खर्च होंगे। ग्रेटर नोएडा में रोबोटिक्स पार्क, 104.28 करोड़ रुपये की लागत से साइबर सुरक्षा संचालन केंद्र और चार वैश्विक क्षमता केंद्रों में निवेश के प्रस्तावों को भी हरी झंडी मिली।
प्रमुख फैसले एक नजर में
– पशुपालन: गाय पर 50 हजार रुपये तक अनुदान, बीमा प्रीमियम का 85 प्रतिशत सरकार देगी।
– एक्सप्रेसवे: चार लिंक एक्सप्रेसवे पर 17,542 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
– कैशलेस इलाज: 1.70 लाख से अधिक शिक्षा कर्मचारियों को लाभ।
– रोबोटिक्स पार्क: ग्रेटर नोएडा में 69.52 एकड़ में विकास।
– साइबर सुरक्षा: 104.28 करोड़ रुपये से केंद्र स्थापित होगा।
– निवेश: चार वैश्विक क्षमता केंद्रों में 1,709.84 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित।
पशुपालन से बढ़ेगी किसानों की आय
उत्तर प्रदेश दूध उत्पादन में देश में पहले स्थान पर है। सरकार पशुपालन को किसानों की आय और ग्रामीण रोजगार बढ़ाने का माध्यम बनाने जा रही है। राज्य पशुधन मिशन के तहत उन्नत नस्लों को बढ़ावा देने, गायों की नस्ल सुधारने और दूध उत्पादन बढ़ाने पर जोर रहेगा। प्रति गाय प्रतिदिन 10 लीटर तक दूध उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। मुर्गी और बकरी पालन को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। पशु बीमा प्रीमियम का 85 प्रतिशत सरकार और 15 प्रतिशत पशुपालक देंगे।
तीन साल में बनेंगे चार लिंक एक्सप्रेसवे
कैबिनेट ने फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले लिंक, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे के विकासकर्ताओं के चयन को मंजूरी दी। फर्रुखाबाद लिंक की लंबाई करीब 90 किलोमीटर, झांसी लिंक के दो पैकेजों की कुल लंबाई 106 किलोमीटर और जेवर लिंक की लंबाई 74 किलोमीटर प्रस्तावित है। परियोजनाएं तीन साल में पूरी करने का लक्ष्य है। निर्माण कंपनियों को पांच साल तक रखरखाव करना होगा।
रोबोटिक्स पार्क और साइबर सुरक्षा केंद्र
ग्रेटर नोएडा में 69.52 एकड़ भूमि पर प्रगति रोबोटिक्स पार्क विकसित होगा। यहां रोबोटिक्स परीक्षण, नमूना उत्पाद निर्माण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और अनुसंधान की सुविधाएं मिलेंगी। पूर्ण विस्तार पर एक लाख से अधिक प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार और करीब 2,000 करोड़ रुपये के वार्षिक सकल मूल्यवर्धन का अनुमान है। पहले आठ एकड़ क्षेत्र का विकास सार्वजनिक-निजी भागीदारी से होगा।
सरकारी डिजिटल व्यवस्था की सुरक्षा के लिए 104.28 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से साइबर सुरक्षा संचालन केंद्र स्थापित किया जाएगा। आइआइटी कानपुर के सी3आईहब के माध्यम से विकसित होने वाला केंद्र सरकारी डिजिटल प्रणालियों की चौबीसों घंटे निगरानी करेगा। साइबर हमलों और डेटा चोरी की पहचान कर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
निवेश और कैशलेस इलाज को मंजूरी
वैश्विक क्षमता केंद्र नीति के तहत चार कंपनियों के कुल 1,709.84 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को मंजूरी मिली। इनमें हैवेल्स इंडिया के 879 करोड़, अमेरिप्राइज इंडिया के 112.84 करोड़, मेटलाइफ ग्लोबल के 84 करोड़ और एलजी सॉफ्ट इंडिया के 634 करोड़ रुपये शामिल हैं। ग्रेटर नोएडा में एकागो हॉस्पिटेलिटी के 654 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
विद्यालयों के 48,062 शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और बेसिक शिक्षा क्षेत्र के 1,22,305 कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने का प्रस्ताव मंजूर हुआ। कर्मचारियों और उनके परिवारों को पांच लाख रुपये तक के उपचार की सुविधा मिलेगी।
नावों का पंजीकरण, अन्य प्रस्ताव भी मंजूर
उत्तर प्रदेश अंतर्देशीय जलयान नियमावली-2026 के तहत नावों का पंजीकरण और यात्रियों व नाविकों का बीमा होगा। गंगा, यमुना सहित 11 नदियों पर जल परिवहन विकसित करने की योजना है। मैनपुरी सैनिक स्कूल के विस्तार के लिए 9.524 हेक्टेयर भूमि निःशुल्क देने, झांसी-ललितपुर में अतिरिक्त भंडारण क्षमता विकसित करने, प्रयागराज में हाईकोर्ट अधिकारियों के लिए 845 आवास बनाने और लखनऊ-वाराणसी में सीवरेज-पेयजल की सात परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई। कंपनियों के विलय-विभाजन पर स्टांप ड्यूटी संबंधी प्रस्ताव केंद्र की मंजूरी के बाद लागू होगा। लखनऊ-हरदोई में प्रस्तावित पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क के मास्टर डेवलपर चयन को भी हरी झंडी मिली।




















