15 जुलाई को व्यक्तिगत पेशी के आदेश
सुल्तानपुर। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने सिविल अवमानना के एक मामले में सुल्तानपुर के जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह के खिलाफ जमानती वारंट जारी करते हुए उन्हें 15 जुलाई को व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। यह मामला उनके लखनऊ नगर निगम में नगर आयुक्त के पद पर तैनाती के दौरान पारित न्यायालय के आदेशों के अनुपालन से जुड़ा है।
मिली जानकारी के अनुसार, लखनऊ के फरीदीनगर तहसील क्षेत्र के खरगापुर निवासी श्रीमती मनराजी देवी द्वारा वर्ष 2018 में हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में सिविल अवमानना याचिका दाखिल की गई थी। वर्तमान में इस मामले की पैरवी उनके पति ओंकार नाथ शुक्ला तथा पुत्र ऋषिकेश शुक्ल और अभिषेक शुक्ल कर रहे हैं।
याचिका के अनुसार, इंद्रजीत सिंह जब जून 2022 से अप्रैल 2025 तक लखनऊ नगर निगम में नगर आयुक्त के पद पर तैनात थे, तब हाईकोर्ट ने वर्ष 2024 में आदेश के अनुपालन के निर्देश दिए थे। आरोप है कि निर्धारित समय में आदेश का पालन नहीं किया गया। इसके बाद 12 मई 2026 को अदालत ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया, लेकिन वह नियत तिथि पर न्यायालय में पेश नहीं हुए।
बताया गया कि 7 जुलाई 2026 को न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय और न्यायमूर्ति आलोक माथुर की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान आदेशों के अनुपालन न होने पर नाराजगी जताई और इंद्रजीत सिंह के खिलाफ जमानती वारंट जारी करते हुए 15 जुलाई को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया।
न्यायालय के आदेश के अनुसार, हाईकोर्ट में पेश होने से पहले जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सुल्तानपुर की अदालत में उपस्थित होकर नियमानुसार अपनी जमानत और उपस्थिति सुनिश्चित कराने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
मामला फिलहाल हाईकोर्ट में विचाराधीन है और अगली सुनवाई 15 जुलाई को निर्धारित है।








