तीन महीने में ट्रायल पूरा होने की संभावना
लखीमपुर खीरी। वर्ष 2021 के चर्चित तिकुनिया हिंसा कांड से जुड़े एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में उत्तर प्रदेश पुलिस ने पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के पुत्र और मामले के आरोपी आशीष मिश्रा को गवाहों को धमकाने के आरोप में क्लीन चिट दे दी है। पुलिस का कहना है कि जांच में इस आरोप के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले।
पुलिस की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मामले की सुनवाई अंतिम चरण में है और लगभग तीन महीने के भीतर ट्रायल पूरा होने की संभावना है।
क्या है तिकुनिया हिंसा कांड?
3 अक्टूबर 2021 को लखीमपुर खीरी के तिकुनिया क्षेत्र में हुई हिंसा में आठ लोगों की मौत हुई थी। मृतकों में चार किसान, एक पत्रकार, एक वाहन चालक और दो भाजपा कार्यकर्ता शामिल थे।
इस मामले में आशीष मिश्रा समेत 13 लोगों को आरोपी बनाया गया था। वहीं, घटना के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं की मौत के मामले में चार किसानों के खिलाफ भी अलग मुकदमा दर्ज किया गया था।
दोनों पक्षों के मामलों की सुनवाई जारी
तिकुनिया हिंसा कांड से जुड़े दोनों मामलों की न्यायिक प्रक्रिया जारी है। यह मामला देशभर में चर्चा का विषय रहा है और इसकी निगरानी उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के तहत भी होती रही है।
गवाहों को धमकाने का आरोप नहीं हुआ साबित
ताजा घटनाक्रम में यूपी पुलिस ने अपनी जांच रिपोर्ट में कहा है कि आशीष मिश्रा के खिलाफ गवाहों को धमकाने का आरोप जांच में प्रमाणित नहीं हो सका, इसलिए उन्हें इस आरोप में क्लीन चिट दी गई है।
हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि यह क्लीन चिट केवल गवाहों को धमकाने के आरोप से संबंधित है। तिकुनिया हिंसा कांड के मूल आपराधिक मामले की सुनवाई अदालत में जारी है और अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा ही दिया जाएगा।







