नोएडा सबसे आगे
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के शहरों से जुड़े 46 उद्योगपतियों ने एम3एम हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2026 में जगह बनाई है। रिपोर्ट के अनुसार इन धनकुबेरों की कुल संपत्ति करीब 1.89 लाख करोड़ रुपये है। पिछले साल की सूची में उत्तर प्रदेश से 41 नाम शामिल थे। इस बार यह संख्या बढ़कर 46 हो गई है। यानी सूची में पांच नामों की बढ़ोतरी हुई है।
शहरों के लिहाज से नोएडा सबसे आगे है। यहां के 15 उद्योगपतियों ने सूची में जगह बनाई है। 10 नामों के साथ कानपुर दूसरे और चार उद्योगपतियों के साथ लखनऊ तीसरे स्थान पर है। सूची में उत्तर प्रदेश के अलावा आगरा, गोरखपुर और मिर्जापुर जैसे शहरों के उद्योगपति भी शामिल हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश के सबसे अमीर व्यक्ति नोएडा के आदित्य खेमका हैं। उनकी संपत्ति 32,200 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसके बाद लखनऊ के सचिन अग्रवाल 15,300 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ दूसरे स्थान पर हैं। प्रयागराज के अलख पांडेय 13,800 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ तीसरे स्थान पर हैं।
कानपुर के उद्योगपतियों ने भी इस सूची में खास जगह बनाई है। गोल्डी मसाले समूह से जुड़े सोम प्रकाश गोयनका और सुरेंद्र कुमार गुप्ता की संपत्ति क्रमश: 5,500-5,500 करोड़ रुपये बताई गई है। दोनों की संयुक्त संपत्ति 11,000 करोड़ रुपये है।
हुरुन इंडिया के चीफ एनालिस्ट अनस रहमान के मुताबिक उत्तर प्रदेश की अमीरों की सूची में कारोबार के क्षेत्र में काफी विविधता देखने को मिलती है। इसमें इलेक्ट्रॉनिक्स, उद्योग, शिक्षा, रियल एस्टेट, खाद्य उत्पाद, सॉफ्टवेयर, वित्तीय सेवाएं, स्वास्थ्य, निर्माण, धातु एवं खनन और एयरोस्पेस जैसे क्षेत्रों से जुड़े कारोबारी शामिल हैं।
2026 की सूची में 11 नए नाम
रिपोर्ट के अनुसार इस साल सूची में 11 नए उद्योगपतियों को जगह मिली है। इनमें नोएडा से पुनीत गुप्ता, अजय कुमार और अनुपम घोष, कानपुर से राज कुमार लोहिया, सोम प्रकाश गोयनका, सुरेंद्र कुमार गुप्ता और गोपाल गुप्ता, आगरा से गुलाब चंद लधानी, गोरखपुर से प्रेम प्रकाश अग्रवाल और संतोष कुमार अग्रवाल तथा मिर्जापुर से गोविंदजी गुप्ता शामिल हैं।
वहीं पिछले साल सूची में शामिल छह नाम इस बार बाहर हो गए हैं। इनमें नोएडा के सुनील वाछानी, गीतांबर आनंद और अरविंद गुप्ता, कानपुर के तस्नीफ अहमद मिर्जा और महेंद्र मोहन गुप्ता तथा बुलंदशहर के राधेश्याम दीक्षित शामिल हैं।
नोएडा के 15 उद्योगपति
नोएडा से सूची में शामिल उद्योगपतियों में आदित्य खेमका की संपत्ति 32,200 करोड़ रुपये है। पुनीत गुप्ता 7,900 करोड़, हितेश ओबेरॉय 7,600 करोड़, अजय कुमार 6,200 करोड़, यशिश दहिया 5,800 करोड़, दिनेश चंद्र अग्रवाल 3,600 करोड़, अजय कुमार त्यागी 3,300 करोड़, मनोज अग्रवाल और बृजेश अग्रवाल 2,500-2,500 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ सूची में हैं।
विष्णु आर. दुसाद की संपत्ति 1,700 करोड़, शेखर अग्रवाल की 1,500 करोड़, नवीन अग्रवाल की 1,400 करोड़, सुनील कुमार चतुर्वेदी की 1,300 करोड़, अनुपम घोष एवं परिवार की 1,300 करोड़ और विवेक मिश्रा की संपत्ति 1,100 करोड़ रुपये बताई गई है।
कानपुर के 10 उद्योगपति
कानपुर से राज कुमार लोहिया 5,800 करोड़ रुपये, सोम प्रकाश गोयनका और सुरेंद्र कुमार गुप्ता 5,500-5,500 करोड़ रुपये तथा मुरलीधर ज्ञान चंदानी 5,400 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ सूची में हैं।
बिमल ज्ञान चंदानी की संपत्ति 3,600 करोड़, गोपाल गुप्ता एवं परिवार की 2,800 करोड़, सुशीला देवी सिंघानिया की 2,000 करोड़, राघव चंद्रा की 1,800 करोड़, अजय गोविंददास सराफ एवं परिवार की 1,600 करोड़ और श्याम सुंदर शर्मा एवं परिवार की 1,300 करोड़ रुपये बताई गई है।
लखनऊ से चार नाम
लखनऊ से सचिन अग्रवाल 15,300 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ सूची में सबसे ऊपर हैं। इसके अलावा अनिल कुमार सिंह 4,800 करोड़, विनोद कुमार सिंह 1,400 करोड़ और आनंद स्वरूप अग्रवाल 1,100 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ सूची में शामिल हैं।
रिपोर्ट के अनुसार 2025 की सूची से तुलना करने पर इस बार 11 नए नाम शामिल हुए हैं, जबकि पिछले साल के छह नाम सूची से बाहर हो गए। इससे उत्तर प्रदेश के प्रमुख उद्योगपतियों की सूची में कारोबारी क्षेत्रों और शहरों के स्तर पर बदलाव भी दिखाई देता है।





















