मुआवजे को लेकर विरोध के बीच प्रशासन की कार्रवाई, राजस्व टीम और पुलिस बल की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण
उन्नाव। अचलगंज क्षेत्र में निर्माणाधीन आउटर रिंग रोड परियोजना की जद में आ रहे मकानों पर बुधवार सुबह प्रशासन का बुलडोजर चला। मंगलवार को पूर्ण मुआवजा नहीं मिलने के विरोध में मकान मालिकों ने कार्रवाई रुकवा दी थी, लेकिन बुधवार को राजस्व विभाग और पुलिस बल की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण का कार्य शुरू कर दिया गया।
कानपुर के मंधना से उन्नाव में लखनऊ-कानपुर हाईवे स्थित आजाद मार्ग चौराहे तक निर्माणाधीन आउटर रिंग रोड के लिए भूमि अधिग्रहण किया गया है। आजाद मार्ग चौराहे के पास कृषि भूमि की प्लॉटिंग कर कई लोगों ने मकान बना लिए थे। करीब 10 वर्षों से यहां 12 परिवार रह रहे हैं, जिनके मकान अब रिंग रोड परियोजना की जद में आ गए हैं।
प्रशासन ने पहले कृषि भूमि के आधार पर मुआवजा दिया था, लेकिन मकान मालिकों ने भवन निर्माण की लागत का भी भुगतान करने की मांग की। इस विवाद के चलते करीब छह महीने तक रिंग रोड का निर्माण कार्य प्रभावित रहा। बाद में प्रशासन ने भवनों का आकलन कर कुछ प्रभावितों को आंशिक भुगतान किया और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू करा दी।
प्रभावित मकान मालिकों आरिफ, नितिन, इदरीस, अनवर, नईम सिद्दीकी और मोबीन का कहना है कि उन्होंने अपनी जीवनभर की जमा-पूंजी से मकान बनाए थे। उनका कहना है कि जब तक पूरा मुआवजा नहीं मिलेगा, तब तक कार्रवाई उचित नहीं है।
तहसीलदार सदर मनीष द्विवेदी ने बताया कि रिंग रोड परियोजना से प्रभावित लोगों को नियमानुसार मुआवजा दिया जा रहा है। शेष भुगतान भी जल्द कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि परियोजना में और देरी न हो, इसलिए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है।








