Unnao News: कागजों में चमाचम, स्कूलों में बदहाल हालात; 99.37% कायाकल्प के दावों की खुली पोल
उन्नाव। परिषदीय विद्यालयों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन कायाकल्प के बावजूद जिले के अधिकांश स्कूलों की जमीनी हकीकत सरकारी दावों से मेल नहीं खाती। कहीं जर्जर भवनों में बच्चे जान जोखिम में डालकर पढ़ाई कर रहे हैं, तो कहीं शौचालय, चहारदीवारी, गेट और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। जबकि विभाग का दावा है कि जिले में 99.37 फीसदी कायाकल्प कार्य पूरा हो चुका है।
जिले में 2709 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं, जिनमें 1833 प्राथमिक, 375 कंपोजिट और 451 उच्च प्राथमिक विद्यालय शामिल हैं। शासन की ऑपरेशन कायाकल्प योजना के तहत 14वें वित्त आयोग के बजट से स्कूलों में 14 मानकों पर विकास कार्य कराए जाने थे। यह कार्य बेसिक शिक्षा विभाग और पंचायती राज विभाग के संयुक्त प्रयास से होना था, लेकिन कई विद्यालयों में आज भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है।
बारिश में कक्षाओं तक भर जाता है पानी
पाटन के भगवंतनगर द्वितीय प्राथमिक विद्यालय में जर्जर भवन में बच्चों की पढ़ाई कराई जा रही है। प्रधान शिक्षक दिनेश कुमार के अनुसार बारिश का पानी सीधे कक्षाओं तक पहुंच जाता है। छात्राओं के शौचालय का दरवाजा टूटा हुआ है और आवश्यक सुविधाओं का अभाव है। मई में शुरू हुआ कायाकल्प कार्य अब तक पूरा नहीं हो सका है।
भवानीगंज स्कूल में टूट रहा लिंटर
हिलौली ब्लॉक के भवानीगंज कंपोजिट विद्यालय के 17 कमरों में से 12 कमरों की छत का लिंटर टूट रहा है और प्लास्टर झड़ रहा है। 326 छात्रों वाले इस विद्यालय में शौचालय तक नहीं है और बारिश में पूरा परिसर जलमग्न हो जाता है। विद्यालय परिसर की चहारदीवारी भी अधूरी है।
भूलेमऊ स्कूल में गेट गिरा, शौचालय ध्वस्त
पुरवा ब्लॉक के भूलेमऊ कंपोजिट विद्यालय में आंधी के दौरान मुख्य गेट गिर गया, जिसे अब तक नहीं बनवाया गया। बालिका शौचालय ध्वस्त है और बरसात में विद्यालय परिसर तालाब में तब्दील हो जाता है। प्रधान शिक्षक के अनुसार कई बार अधिकारियों को सूचना देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इसी तरह अटवा प्राथमिक विद्यालय में छात्राओं का शौचालय जर्जर है और वाटर कूलर भी लंबे समय से खराब पड़ा है। यहां केवल दिव्यांग शौचालय और हैंडवॉश यूनिट का निर्माण कराया गया है।
नगर क्षेत्र के 43 स्कूल भी वंचित
नगर क्षेत्र के 43 परिषदीय विद्यालयों में इस वर्ष नगर पालिका की ओर से कायाकल्प योजना के तहत कोई कार्य नहीं कराया गया। केवल अत्यधिक जरूरी मरम्मत कार्य कंपोजिट ग्रांट के माध्यम से कराए गए हैं।
ऑपरेशन कायाकल्प में होने थे ये कार्य
योजना के तहत विद्यालयों में अलग-अलग शौचालय, टाइल्सयुक्त फर्श, रसोईघर, पेयजल व्यवस्था, रंगाई-पुताई, हैंडवॉश यूनिट, बिजली व्यवस्था, दिव्यांग रैंप, शौचालय, श्यामपट्ट सहित कुल 14 बिंदुओं पर विकास कार्य किए जाने थे।
अधिकारी बोले
कायाकल्प योजना के जिला समन्वयक यदुवंश चौधरी ने बताया कि जिले के 99.37 प्रतिशत विद्यालयों में कार्य पूर्ण हो चुका है। नगर क्षेत्र के विद्यालयों को छोड़कर अधिकांश ब्लॉकों में काम कराया गया है। जिन विद्यालयों में फर्श, टाइल्स या शौचालय जैसी समस्याएं हैं, वहां कंपोजिट ग्रांट के माध्यम से कार्य कराया जाएगा।
वर्जन…
जिले में 99.37 फीसदी स्कूलों में काम पूरा हो चुका है। नगर क्षेत्र के स्कूलों को छोड़कर ब्लॉक के स्कूलों में काम हुआ है। जहां टाइल्स, फर्श, शौचालय टूटा है वहां कंपोजिट ग्रांट से काम कराया जाएगा। इसमें 25 छात्र संख्या से अधिक वाले स्कूलों में 25 हजार, 100 से अधिक छात्र संख्या वाले स्कूलों में 50 हजार और 200 से ऊपर 75 हजार कंपोजिट ग्रांट भेजी जाती है। अब उससे काम कराया जाएगा।
यदुवंश चौधरी, कायाकल्प योजना के जिला समन्वयक








