लखनऊ। आस्था, संस्कृति, इतिहास और विरासत ने उत्तर प्रदेश को देश के सबसे बड़े पर्यटन केंद्र के रूप में नई पहचान दी है। अयोध्या में श्रीराम मंदिर, काशी के घाट और मंदिर, मथुरा-वृंदावन की कृष्णभक्ति, प्रयागराज का महाकुंभ और आगरा का ताजमहल देश-दुनिया के पर्यटकों को लगातार खींच रहे हैं। पर्यटन मंत्रालय के 2024 के आंकड़ों के मुताबिक उत्तर प्रदेश में 64.68 करोड़ घरेलू पर्यटक आगमन दर्ज हुआ। यह देश के सभी राज्यों में सर्वाधिक है। घरेलू पर्यटक आगमन में यूपी की हिस्सेदारी करीब 21.94 प्रतिशत रही। विदेशी पर्यटक आगमन भी 22.69 लाख रहा। कुल मिलाकर प्रदेश में करीब 64.91 करोड़ पर्यटक आगमन दर्ज हुआ।
पर्यटन की यह तस्वीर केवल धार्मिक स्थलों तक सीमित नहीं है। ताजमहल और आगरा की मुगलकालीन विरासत, लखनऊ की नवाबी संस्कृति, कुशीनगर और श्रावस्ती का बौद्ध महत्व, गंगा के घाट और ब्रज की सांस्कृतिक विरासत भी उत्तर प्रदेश के पर्यटन को व्यापक आधार दे रहे हैं।
अयोध्या बनी सबसे बड़ी नई तस्वीर
राममंदिर निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या में पर्यटकों की संख्या तेजी से बढ़ी। 2024 में अयोध्या में करीब 16.44 करोड़ पर्यटक आगमन दर्ज हुआ, जबकि 2023 में यह संख्या करीब 5.76 करोड़ थी। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, अहमदाबाद, जयपुर, पटना और दरभंगा समेत कई शहरों से हवाई संपर्क बढ़ने से अयोध्या की पहुंच भी आसान हुई है।
काशी में भी लगातार बढ़ा आकर्षण
वाराणसी 2024 में करीब 11.01 करोड़ पर्यटक आगमन के साथ प्रदेश के सबसे बड़े पर्यटन केंद्रों में शामिल रही। उत्तर प्रदेश पर्यटन के आंकड़ों के अनुसार 2014 से जुलाई 2026 तक काशी में 52.71 करोड़ पर्यटक आगमन दर्ज हुआ है। इसमें 52.40 करोड़ भारतीय और करीब 30.95 लाख विदेशी पर्यटक शामिल हैं।
मथुरा और प्रयागराज भी आगे
2024 में मथुरा में करीब 9.01 करोड़ और प्रयागराज में 5.13 करोड़ पर्यटक आगमन दर्ज हुआ। 2025 के महाकुंभ ने प्रयागराज को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर और मजबूत किया। राज्य सरकार के अनुसार महाकुंभ में करीब 66.30 करोड़ आगमन दर्ज हुआ। इसे आयोजन की कुल आवाजाही के रूप में देखा जाना चाहिए, इसे अलग-अलग व्यक्तियों की संख्या नहीं माना जा सकता।
विदेशी पर्यटकों में भी यूपी शीर्ष राज्यों में
विदेशी पर्यटक आगमन में भी उत्तर प्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में है। 2024 में प्रदेश में 22.69 लाख विदेशी पर्यटक आगमन दर्ज हुआ और यूपी इस मामले में देश के शीर्ष पांच राज्यों में रहा। आगरा, वाराणसी, कुशीनगर और मथुरा विदेशी पर्यटकों के प्रमुख आकर्षणों में शामिल हैं।
पर्यटन का दायरा हुआ व्यापक
प्रदेश में रामायण, बौद्ध, आध्यात्मिक और विरासत पर्यटन सर्किट विकसित किए गए हैं। केंद्र की स्वदेश दर्शन योजना के तहत उत्तर प्रदेश में श्रावस्ती-कुशीनगर-कपिलवस्तु बौद्ध सर्किट, चित्रकूट-श्रृंगवेरपुर रामायण सर्किट और अयोध्या रामायण सर्किट जैसी परियोजनाओं को शामिल किया गया। इससे धार्मिक पर्यटन के साथ सांस्कृतिक और विरासत पर्यटन को भी आधार मिला है।
प्रयागराज में पर्यटन सुविधाओं के विकास, नैमिषारण्य में वैदिक-वेलनेस परियोजनाओं और प्रमुख शहरों में पर्यटक सुविधाओं के विस्तार पर भी काम हुआ है। सड़क, रेल और हवाई संपर्क में सुधार ने इन स्थलों तक पहुंच को आसान बनाया है।
पर्यटन मंत्रालय के आंकड़े बताते हैं कि उत्तर प्रदेश अब केवल धार्मिक पर्यटन का केंद्र नहीं है। अयोध्या से काशी, मथुरा से प्रयागराज और आगरा से कुशीनगर तक फैली विविध विरासत ने इसे देश के सबसे बड़े पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित किया है।
घरेलू पर्यटन में बना नंबर वन
2016 में उत्तर प्रदेश में कुल करीब 21.67 करोड़ पर्यटक आगमन दर्ज हुआ था। इसमें 21.35 करोड़ घरेलू और 31.57 लाख विदेशी पर्यटक शामिल थे।
दस साल के अंतराल में उत्तर प्रदेश में पर्यटक आगमन लगभग तीन गुना हो गया। घरेलू पर्यटन में प्रदेश की स्थिति भी मजबूत हुई। 2016 में घरेलू पर्यटक आगमन के मामले में यूपी दूसरे स्थान पर था, जबकि 2024 में वह देश में पहले स्थान पर पहुंच गया।
2016 : 21.67 करोड़
2024 : 64.91 करोड़
अंतर : करीब 43.24 करोड़ अतिरिक्त पर्यटक आगमन





















