प्रधानमंत्री से करीब एक घंटे की मुलाकात में विकास परियोजनाओं और आगामी कार्यक्रमों पर चर्चा; भाजपा अध्यक्ष से भेंट में राज्यसभा-एमएलसी चुनाव और संगठन की तैयारियों पर मंथन के संकेत
लखनऊ/नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिल्ली दौरे ने प्रदेश की सियासत में हलचल बढ़ा दी है। शनिवार को मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से उनके आवास पर करीब एक घंटे मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से भी भेंट की। प्रधानमंत्री से मुलाकात में प्रदेश की विकास परियोजनाओं और आने वाले कार्यक्रमों पर चर्चा हुई, जबकि भाजपा अध्यक्ष से भेंट को संगठन और निकट भविष्य में होने वाले राज्यसभा व विधान परिषद चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।
प्रधानमंत्री से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री अपने साथ उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित उन परियोजनाओं की सूची भी लेकर पहुंचे, जिनका आने वाले दिनों में प्रधानमंत्री के हाथों लोकार्पण या शिलान्यास प्रस्तावित है। सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री के उत्तर प्रदेश दौरे से जुड़े कार्यक्रमों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को भगवान गणेश की प्रतिमा भेंट की। मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री ने इंटरनेट मीडिया पर लिखा कि प्रधानमंत्री का मार्गदर्शन नए उत्तर प्रदेश के निर्माण के लिए उन्हें नई ऊर्जा देता है।
24 घंटे में दूसरी बड़ी राजनीतिक बैठक
मुख्यमंत्री का दिल्ली दौरा ऐसे समय हुआ है जब प्रदेश में राज्यसभा और विधान परिषद के चुनाव का कार्यक्रम घोषित हो चुका है। इससे एक दिन पहले ग्रेटर नोएडा में उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो के दौरान मुख्यमंत्री की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात हुई थी। इसके बाद शनिवार को प्रधानमंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष से उनकी बैठक हुई। लगातार हो रही इन बैठकों के बीच सरकार और संगठन के स्तर पर आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों को लेकर समन्वय का दौर तेज हुआ है।
भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन के साथ मुख्यमंत्री की बैठक में राज्यसभा और विधान परिषद चुनाव से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की संभावना जताई गई है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, विधान परिषद की कुछ सीटों के लिए प्रत्याशियों के नाम पर भी विचार-विमर्श हो सकता है। हालांकि बैठक का आधिकारिक एजेंडा सार्वजनिक नहीं किया गया है।
16 अक्टूबर को राज्यसभा की 10 सीटों पर मतदान
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान होगा। निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार 29 सितंबर को अधिसूचना जारी होगी और छह अक्टूबर तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे। सात अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच और नौ अक्टूबर तक नाम वापसी होगी। मतदान के बाद उसी दिन मतगणना भी होगी। इन 10 में नौ सीटों का कार्यकाल 25 नवंबर को पूरा हो रहा है, जबकि एक सीट पहले ही रिक्त हो चुकी है।
विधान परिषद की 11 सीटों पर भी दांव
विधान परिषद की 11 सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान होगा और 27 अक्टूबर को मतगणना होगी। इनमें पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटें शामिल हैं। इन चुनावों की घोषणा के साथ संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में आचार संहिता लागू हो चुकी है।
बूथ स्तर तक संगठन की समीक्षा
विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिहाज से भी भाजपा ने संगठनात्मक गतिविधियां तेज कर दी हैं। 21 सितंबर को भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन ने मेरठ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ बूथ, शक्ति केंद्र, मंडल और जिला स्तर तक संगठन की तैयारियों की समीक्षा की थी। इसके बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठकें हुईं।
ऐसे में मुख्यमंत्री की प्रधानमंत्री और भाजपा अध्यक्ष के साथ लगातार मुलाकातों ने प्रदेश की आगामी राजनीतिक गतिविधियों को लेकर चर्चाओं को तेज कर दिया है। फिलहाल बैठकों में उठे सभी मुद्दों का आधिकारिक विवरण सामने नहीं आया है, लेकिन विकास परियोजनाओं के साथ राज्यसभा, विधान परिषद और संगठनात्मक तैयारियां इन दिनों प्रदेश की राजनीति के प्रमुख केंद्र में हैं।





















