13वें दिन बाजार में निकाला पैदल मार्च
अलीगंज (एटा)। प्रस्तावित ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में अधिवक्ताओं और बैनामा लेखकों का आंदोलन सोमवार को 13वें दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारियों ने पुरानी तहसील परिसर से विशाल पैदल मार्च निकालकर मुख्य बाजार होते हुए गांधी मूर्ति चौराहे तक प्रदर्शन किया। इस दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए ई-रजिस्ट्री व्यवस्था को तत्काल वापस लेने की मांग की गई।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में अधिवक्ता, बैनामा लेखक और समर्थक शामिल हुए। हाथों में तख्तियां लेकर प्रदर्शनकारी पुरानी तहसील से मुख्य बाजार के विभिन्न मार्गों से होते हुए गांधी मूर्ति चौराहे पहुंचे, जहां सभा आयोजित की गई। बाजार में निकाले गए मार्च के दौरान कई व्यापारियों ने भी अधिवक्ताओं के आंदोलन का समर्थन किया।
सभा को संबोधित करते हुए आंदोलन के नेतृत्वकर्ता महेंद्र सिंह शाक्य ने कहा कि सरकार अधिवक्ता समाज की समस्याओं की लगातार अनदेखी कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिवक्ताओं से पर्याप्त संवाद और आवश्यक तैयारियों के बिना ई-रजिस्ट्री व्यवस्था लागू करना न्याय व्यवस्था और आमजन के हित में नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
वक्ताओं ने कहा कि अधिवक्ता पिछले 13 दिनों से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को उठा रहे हैं, लेकिन शासन-प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। इससे अधिवक्ता समाज में नाराजगी लगातार बढ़ रही है।
प्रदर्शन के अंत में अधिवक्ताओं और बैनामा लेखकों ने एक स्वर में संकल्प लिया कि जब तक उनकी मांगों पर संतोषजनक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। गांधी मूर्ति चौराहे पर देर तक धरना और नारेबाजी का दौर चलता रहा।
इस दौरान वेद प्रकाश यादव, शिवांक दुबे, संजय यादव, रिंकू सक्सेना, अंशुल सक्सेना, केपी सिंह यादव सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।








