4.41 करोड़ से बनेगा आधुनिक सभागार, गुणवत्ता प्रमाणन से बढ़ा सम्मान
250 क्षमता वाले सभागार का शिलान्यास, डिजिटल सम्मेलन कक्ष का उद्घाटन और अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाण पत्र की सौगात
विनोद कुमार सिंह अंशु
बाराबंकी। जिला पंचायत बाराबंकी ने विकास और सुशासन की दिशा में एक साथ दो महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। शुक्रवार को जिला पंचायत अध्यक्ष राजरानी रावत ने 4 करोड़ 41 लाख 26 हजार रुपये की लागत से बनने वाले 250 लोगों की क्षमता वाले अत्याधुनिक सभागार का शिलान्यास किया। इसके साथ ही अधिकारियों के लिए तीन टाइप-4 आवासों की आधारशिला रखी गई तथा आधुनिक डिजिटल सम्मेलन कक्ष का उद्घाटन भी किया गया। इसी अवसर पर जिला पंचायत को प्रशासनिक कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और दक्षता के उत्कृष्ट मानकों के लिए आईएसओ 9001:2015 गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली का अंतरराष्ट्रीय प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया।
प्रस्तावित सभागार आधुनिक ध्वनि एवं दृश्य प्रणाली, आरामदायक बैठक व्यवस्था और बहुउद्देशीय सुविधाओं से सुसज्जित होगा। यहां सरकारी बैठकें, विकास योजनाओं की समीक्षा, प्रशिक्षण कार्यक्रम, संगोष्ठियां, सामाजिक और सार्वजनिक कार्यक्रम आसानी से आयोजित किए जा सकेंगे। जिला पंचायत परिसर प्रशासनिक केंद्र में स्थित होने के कारण कलेक्ट्रेट, जिलाधिकारी आवास, पुलिस अधीक्षक कार्यालय, विकास भवन और न्यायालय परिसर सहित प्रमुख कार्यालयों तक इसकी सुगम पहुंच रहेगी।
उद्घाटित डिजिटल सम्मेलन कक्ष वीडियो बैठक, ऑनलाइन संवाद और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए आधुनिक तकनीक से लैस है। इससे शासन और जिला प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा तथा विकास योजनाओं की समीक्षा और क्रियान्वयन में गति आएगी।
इस अवसर पर जिला पंचायत को अंतरराष्ट्रीय प्रत्यायन मंच के सदस्य वीआरसी सर्टिफिकेशन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा आईएसओ 9001:2015 गुणवत्ता प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। संस्था के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेश धर द्विवेदी, गुणवत्ता सलाहकार संस्था की मुख्य कार्यकारी प्रमिला सिंह तथा गुणवत्ता सलाहकार ओ.पी. यादव ने संयुक्त रूप से यह प्रमाण पत्र जिला पंचायत अध्यक्ष राजरानी रावत और अपर मुख्य अधिकारी आशुतोष कुमार को सौंपा।
अधिकारियों ने बताया कि यह प्रमाणन जिला पंचायत की पारदर्शी कार्यप्रणाली, जवाबदेही और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है। इससे आमजन को अधिक गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और समयबद्ध सेवाएं मिलेंगी तथा ग्रामीण विकास कार्यों में दक्षता और प्रभावशीलता को नई मजबूती मिलेगी।








