जांच टीम बदलकर झूठी रिपोर्ट बनाने का आरोप, मंडलायुक्त से की शिकायत
गौरीगंज, अमेठी।भारतीय किसान यूनियन भानू ने अमेठी जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। संगठन का कहना है कि 17 अप्रैल 2026 को जिलाधिकारी को सौंपे गए 15 सूत्रीय ज्ञापन पर आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कार्रवाई न होने के कारण संगठन ने कई बार ज्ञापन दिए और शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन भी किए। संगठन ने बताया कि 2 मई 2026 को अमेठी तहसील में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में ‘संपूर्ण समाधान दिवस’ का आयोजन था। इसी दौरान संगठन ने सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ तहसील परिसर में पंचायत की। आरोप है कि शांतिपूर्ण पंचायत के दौरान तहसील प्रशासन के इशारे पर पुलिस ने किसान कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की। पुलिस ने चार किसान नेताओं को गिरफ्तार कर जिला कारागार भेज दिया। घटना के बाद जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी अमेठी पंकज मिश्रा, क्षेत्राधिकारी मनोज कुमार मिश्रा और जिला पीडी की संयुक्त जांच टीम गठित की थी। भाकियू भानू के जिलाध्यक्ष शैलेन्द्र नाथ मिश्रा का आरोप है कि जांच इस गठित टीम से न कराकर तहसील के दो नायब तहसीलदारों को सौंप दी गई। संगठन ने आरोप लगाया कि नायब तहसीलदारों ने कथित तौर पर समाज विरोधी तत्वों और भू-माफियाओं से साठगांठ कर तथ्यहीन और झूठी जांच रिपोर्ट तैयार की। यह रिपोर्ट उपजिलाधिकारी के माध्यम से जिलाधिकारी को सौंप दी गई। भाकियू भानू ने उपजिलाधिकारी और जिलाधिकारी के समक्ष लिखित आपत्ति दर्ज कराई। लेकिन अधिकारियों ने आपत्ति को निरस्त करते हुए अपनी रिपोर्ट को ही सही ठहराया। इससे कार्यकर्ताओं में भारी असंतोष है। इस पूरे मामले में संगठन ने शुक्रवार को अमेठी के गौरीगंज जिलाधिकारी कार्यालय पहुँचकर जिलाधिकारी के माध्यम से मंडलायुक्त अयोध्या को भेजवाया ज्ञापन भेजकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। साथ ही 15 सूत्रीय ज्ञापन के शीघ्र निस्तारण की मांग की है पत्र में कहा गया कि प्रशासन की अनदेखी से किसानों में रोष बढ़ रहा है। इस मामले में प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क नहीं हो सका। पक्ष मिलने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।








