वन विभाग की मुस्तैदी से टला बड़ा खतरा, सुरक्षित जंगल की ओर लौटा
अमृत उजाला
महराजगंज
सदर।सोहागीबरवा वन्यजीव प्रभाग के पकड़ी रेंज से एक राहत भरी खबर सामने आई है। यहाँ के कटहरा सेक्शन स्थित ग्राम कटहरा में एक मुर्गी फार्म पर तेंदुआ दिखने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। घनी आबादी और पोल्ट्री फार्म के नजदीक हिंसक वन्यजीव की मौजूदगी की खबर से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। हालांकि, वन विभाग की त्वरित सक्रियता और सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया और स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया गया।
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सूचना मिलते ही एक्शन में आई वन विभाग की टीम
मुर्गी फार्म पर तेंदुआ देखे जाने की खबर मिलते ही वन महकमा तुरंत हरकत में आ गया। मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए विभाग ने बिना समय गंवाए रेस्क्यू ऑपरेशन की रणनीति बनाई। वन क्षेत्राधिकारी (रेंजर) सुशांत मणि त्रिपाठी के कुशल निर्देशन में वन विभाग की एक विशेष टीम तत्काल आवश्यक सुरक्षा उपकरणों के साथ मौके पर रवाना हो गई। टीम ने बिना वक्त जाया किए पूरे क्षेत्र को अपने घेरे में ले लिया।
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सूझबूझ से नियंत्रित की स्थिति, सुरक्षित बचा वन्यजीव
मौके पर पहुँचे वन कर्मियों ने सबसे पहले सुरक्षात्मक कदम उठाए। तेंदुए को देखने के लिए ग्रामीणों की भारी भीड़ जुटने लगी थी, जो किसी बड़े हादसे का सबब बन सकती थी। वन कर्मियों ने पूरी सतर्कता एवं मुस्तैदी के साथ क्षेत्र का बारीकी से निरीक्षण किया।
वन विभाग टीम की त्वरित कार्रवाई: वन विभाग की टीम ने सबसे पहले स्थानीय ग्रामीणों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने तथा मौके पर भीड़ एकत्र न करने की भावुक अपील की। भीड़ छंटने के बाद टीम द्वारा लगातार निगरानी रखी गई और आवश्यक प्रयास किए गए। वन कर्मियों के इसी धैर्य और कुशल रणनीति का परिणाम रहा कि तेंदुआ किसी भी इंसान या मवेशी को नुकसान पहुंचाए बिना, सुरक्षित रूप से वापस जंगल की ओर लौट गया। राहत की बात यह रही कि पूरे अभियान के दौरान किसी भी व्यक्ति अथवा वन्यजीव को कोई क्षति नहीं हुई।
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वन विभाग की ग्रामीणों से विशेष अपील
इस सफल अभियान के बाद वन विभाग ने क्षेत्रवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। वन क्षेत्राधिकारी सुशांत मणि त्रिपाठी ने अपील करते हुए कहा कि:
घबराएं नहीं: यदि ग्रामीण क्षेत्रों या खेतों में कभी भी कोई वन्यजीव दिखाई दे, तो डरकर शोर न मचाएं।
घेराव न करें: वन्यजीव को घेरने, उस पर पथराव करने या उसे किसी भी तरह उकसाने का प्रयास न करें।
तुरंत सूचित करें: ऐसी किसी भी स्थिति में तत्काल वन विभाग को सूचना दें ताकि प्रशिक्षित टीम समय पर पहुंचकर आवश्यक और सुरक्षित कार्रवाई कर सके।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वह मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने तथा वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए निरंतर सतर्क एवं पूरी तरह प्रतिबद्ध है।








