रिकवरी और FIR के आदेश, बार काउंसिल से लाइसेंस निरस्त कराने की तैयारी
अमेठी।वित्तीय अनियमितता और गबन के गंभीर आरोप में अमेठी बार एसोसिएशन ने अपने पूर्व सचिव उपेन्द्र शुक्ल एडवोकेट को प्राथमिक सदस्यता से हमेशा के लिए निष्कासित कर दिया है। एसोसिएशन ने गबन की गई करीब 7 लाख रुपये की रिकवरी और एफआईआर दर्ज कराने के आदेश भी दिए हैं। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश प्रताप सिंह ने शुक्रवार को जारी “आवश्यक सूचना” में बताया कि सदस्यों की शिकायत पर उपेन्द्र शुक्ल के खिलाफ 5 सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई थी। जांच रिपोर्ट में सामने आया कि शुक्ल ने अपने करीब 2 साल के कार्यकाल में लगभग 7 लाख रुपये का गबन किया। इसके अलावा वित्तीय अनियमितता, पद का दुरुपयोग और सदस्यों से अभद्र व्यवहार के आरोप भी सही पाए गए। रिपोर्ट में कहा गया कि उनके कार्यकाल का वार्षिक बजट मनमाने तरीके से बनाया गया था, जिसमें कई वित्तीय गड़बड़ियां थीं। इससे एसोसिएशन की साख को भी नुकसान पहुंचा।अध्यक्ष ने आदेश दिया है कि गबन की गई राशि की रिकवरी की जाए और संबंधित कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई जाए। साथ ही बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश, प्रयागराज को पत्र भेजकर उपेन्द्र शुक्ल का वकालत पंजीकरण निरस्त करने का अनुरोध किया जाएगा। सचिव अनिल कुमार तिवारी ने कहा कि बार एसोसिएशन वित्तीय पारदर्शिता और अनुशासन के साथ कोई समझौता नहीं करेगा। दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई से संगठन की विश्वसनीयता बनी रहेगी।








