महराजगंज। महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले साइबर अपराधों पर कार्रवाई के तहत महराजगंज पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। साइबर थाना और सिंदुरिया थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने ऑनलाइन बाल यौन शोषण सामग्री (Child Sexual Abuse Material-CSAM) के अवैध नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से डिजिटल उपकरण, फर्जी दस्तावेज और आपत्तिजनक डिजिटल सामग्री बरामद की है।
पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत साइबर सेल इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी कर रही थी। तकनीकी साक्ष्यों और खुफिया इनपुट के आधार पर पुलिस को इस नेटवर्क की जानकारी मिली। इसके बाद साइबर थाना और सिंदुरिया पुलिस ने संयुक्त रूप से छापेमारी कर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ और प्रारंभिक डिजिटल फोरेंसिक जांच में सामने आया कि आरोपी फर्जी नाम और आईडी का इस्तेमाल कर सोशल मीडिया व मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर सक्रिय थे। पहचान छिपाने के लिए फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सिम कार्ड हासिल किए गए थे। पुलिस के अनुसार, आरोपी बाल यौन शोषण से जुड़ी अवैध सामग्री विभिन्न समूहों में साझा कर उससे आर्थिक लाभ कमाने का प्रयास कर रहे थे।
पुलिस ने आरोपियों के पास से चार स्मार्टफोन, एक डेस्कटॉप कंप्यूटर, एक सीपीयू, एक माउस, तीन डेटा केबल, एक एक्सटेंशन बोर्ड तथा एक फर्जी पहचान पत्र बरामद किया है। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से आपत्तिजनक डिजिटल सामग्री भी मिली है, जिसकी फोरेंसिक जांच कराई जा रही है।
चारों आरोपी सिंदुरिया थाना क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं। उनके खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट), भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) तथा बच्चों के यौन अपराधों से संबंधित लागू प्रावधानों के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इस कार्रवाई में साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक सजनू यादव, सिंदुरिया थानाध्यक्ष विशाल कुमार शुक्ला तथा उनकी संयुक्त टीम की अहम भूमिका रही।
पुलिस की अपील
महराजगंज पुलिस ने लोगों से अपील की है कि इंटरनेट पर बाल यौन शोषण से जुड़ी किसी भी प्रकार की सामग्री को देखना, डाउनलोड करना, साझा करना या प्रसारित करना गंभीर दंडनीय अपराध है। अभिभावक बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर निगरानी रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दें।








