अखिलानंद तिवारी
बलिया। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद बलिया में वोटरों की तस्वीर काफी हद तक बदली नजर आई है। जहां एक ओर बड़े पैमाने पर नए मतदाताओं को जोड़ा गया, वहीं हजारों नाम सूची से हटाए भी गए। हालांकि विधानसभा-वार आंकड़े सार्वजनिक न होने से क्षेत्रीय तुलना फिलहाल संभव नहीं है।
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR) के बाद जनपद की मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया है, जिसमें कुल 21,68,819 मतदाता दर्ज किए गए हैं। जिला प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार पुनरीक्षण अवधि के दौरान 1,38,589 नए मतदाताओं के नाम जोड़े गए, जबकि 24,390 नाम सूची से हटाए गए।
हालांकि, प्रशासन की ओर से अभी विधानसभा-वार (बेल्थरारोड, रसड़ा, सिकन्दरपुर, फेफना, बलिया नगर, बांसडीह, बैरिया) आंकड़े जारी नहीं किए गए हैं, जिससे यह स्पष्ट नहीं है कि किस क्षेत्र में सबसे अधिक नाम जुड़े या हटाए गए।
महिला और पुरुष मतदाता का आंकड़ा..
पुरुष मतदाता: 12,06,739
महिला मतदाता: 9,62,008
थर्ड जेंडर: 72
इस प्रकार महिला मतदाताओं की संख्या कुल मतदाताओं का एक बड़ा हिस्सा बन चुकी है, जो चुनावी दृष्टि से निर्णायक भूमिका निभा सकती है।
कभी तक युवा मतदाताओं पर तस्वीर अस्पष्ट है।
युवा मतदाताओं (18-19 आयु वर्ग) के कितने नए नाम जुड़े, इसका भी अलग से विवरण प्रशासन द्वारा सार्वजनिक नहीं किया गया है। इसी तरह यह भी स्पष्ट नहीं है कि किस विधानसभा में युवा मतदाताओं की संख्या सबसे अधिक या सबसे कम है।
राजनीतिक दृष्टि से अहम संकेत
मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नए नाम जुड़ना आगामी चुनावों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वहीं हजारों नाम कटने से कई क्षेत्रों में राजनीतिक समीकरण भी प्रभावित हो सकते हैं।




