अमृत उजाला
Saturday, Jul 18, 2026 18:46
Sign In
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
        • लखनऊ
        • आगरा
        • कानपुर
        • अलीगढ
        • वाराणसी
        • मथुरा
        • प्रयागराज
        • मेरठ
        • गोरखपुर
        • बरेली
        • नोएडा
        • अयोध्या
        • गाजियाबाद
        • मुरादाबाद
        • View All Cities
          • आगरा
          • अलीगढ
          • अम्बेडकर नगर
          • अमेठी
          • अमरोहा
          • औरैया
          • अयोध्या
          • आज़मगढ़
          • बागपत
          • बहराइच
          • बलिया
          • बलरामपुर
          • बांदा
          • बाराबंकी
          • बरेली
          • बस्ती
          • भदोही
          • बिजनौर
          • बदायूं
          • बुलंदशहर
          • चंदौली
          • चित्रकूट
          • देवरिया
          • एटा
          • इटावा
          • फर्रुखाबाद
          • फतेहपुर
          • फिरोजाबाद
          • गाजियाबाद
          • ग़ाज़ीपुर
          • गोंडा
          • गोरखपुर
          • हमीरपुर
          • हापुड़
          • हरदोई
          • हाथरस
          • जालौन
          • जौनपुर
          • झांसी
          • कन्नौज
          • कानपुर
          • कासगंज
          • कौशाम्बी
          • खेरी
          • कुशीनगर
          • ललितपुर
          • लखनऊ
          • महाराजगंज
          • महोबा
          • मैनपुरी
          • मथुरा
          • मऊ
          • मेरठ
          • मिर्जापुर
          • मुरादाबाद
          • मुज़फ्फरनगर
          • नोएडा
          • पीलीभीत
          • प्रतापगढ़
          • प्रयागराज
          • रायबरेली
          • रामपुर
          • सहारनपुर
          • सम्भल
          • संत कबीर नगर
          • शाहजहांपुर
          • शामली
          • श्रावस्ती
          • सिद्धार्थनगर
          • सीतापुर
          • सोनभद्र
          • सुल्तानपुर
          • उन्नाव
          • वाराणसी
        • Hide All Cities
  • देश
  • राजनीति
  • स्पॉटलाइट
  • खेल
  • विदेश
  • क्राइम
  • हेल्थ
  • एजुकेशन/करियर
  • धर्म/ज्योतिष
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • टेक्नोलॉजी
Notification
Font ResizerAa
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
    • लखनऊ
    • कानपुर
    • वाराणसी
    • प्रयागराज
    • गोरखपुर
    • नोएडा
    • गाजियाबाद
    • आगरा
    • अलीगढ
    • मथुरा
    • मेरठ
    • बरेली
    • अयोध्या
    • मुरादाबाद
  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • स्पॉटलाइट
  • राजनीति
  • क्राइम
  • हेल्थ
  • एजुकेशन/करियर
  • धर्म/ज्योतिष
  • बिज़नेस
  • मौसम
  • टेक्नोलॉजी
अमृत उजाला
Saturday, Jul 18, 2026 18:46
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
    • लखनऊ
    • कानपुर
    • वाराणसी
    • प्रयागराज
    • गोरखपुर
    • नोएडा
    • गाजियाबाद
    • आगरा
    • अलीगढ
    • मथुरा
    • मेरठ
    • बरेली
    • अयोध्या
    • मुरादाबाद
    • आज़मगढ़
    • अम्बेडकर नगर
    • अमेठी
    • अमरोहा
    • औरैया
    • बागपत
    • बहराइच
    • बलिया
    • बलरामपुर
    • बांदा
    • बाराबंकी
    • बस्ती
    • भदोही
    • बिजनौर
    • बदायूं
    • बुलंदशहर
    • चंदौली
    • चित्रकूट
    • देवरिया
    • एटा
    • इटावा
    • फर्रुखाबाद
    • फतेहपुर
    • फिरोजाबाद
    • गौतम बुद्ध नगर
    • ग़ाज़ीपुर
    • गोंडा
    • हमीरपुर
    • हापुड़
    • हरदोई
    • हाथरस
    • जालौन
    • जौनपुर
    • झांसी
    • कन्नौज
    • कासगंज
    • कौशाम्बी
    • खेरी
    • कुशीनगर
    • ललितपुर
    • महाराजगंज
    • महोबा
    • मैनपुरी
    • मऊ
    • मिर्जापुर
    • मुज़फ्फरनगर
    • पीलीभीत
    • प्रतापगढ़
    • रायबरेली
    • रामपुर
    • सहारनपुर
    • सम्भल
    • संत कबीर नगर
    • शाहजहांपुर
    • शामली
    • श्रावस्ती
    • सिद्धार्थनगर
    • सीतापुर
    • सोनभद्र
    • सुल्तानपुर
    • उन्नाव
  • देश
  • राजनीति
  • स्पॉटलाइट
  • खेल
  • विदेश
  • क्राइम
  • हेल्थ
  • एजुकेशन/करियर
  • धर्म/ज्योतिष
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • टेक्नोलॉजी
Search
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
        • लखनऊ
        • आगरा
        • कानपुर
        • अलीगढ
        • वाराणसी
        • मथुरा
        • प्रयागराज
        • मेरठ
        • गोरखपुर
        • बरेली
        • नोएडा
        • अयोध्या
        • गाजियाबाद
        • मुरादाबाद
        • View All Cities
          • आगरा
          • अलीगढ
          • अम्बेडकर नगर
          • अमेठी
          • अमरोहा
          • औरैया
          • अयोध्या
          • आज़मगढ़
          • बागपत
          • बहराइच
          • बलिया
          • बलरामपुर
          • बांदा
          • बाराबंकी
          • बरेली
          • बस्ती
          • भदोही
          • बिजनौर
          • बदायूं
          • बुलंदशहर
          • चंदौली
          • चित्रकूट
          • देवरिया
          • एटा
          • इटावा
          • फर्रुखाबाद
          • फतेहपुर
          • फिरोजाबाद
          • गाजियाबाद
          • ग़ाज़ीपुर
          • गोंडा
          • गोरखपुर
          • हमीरपुर
          • हापुड़
          • हरदोई
          • हाथरस
          • जालौन
          • जौनपुर
          • झांसी
          • कन्नौज
          • कानपुर
          • कासगंज
          • कौशाम्बी
          • खेरी
          • कुशीनगर
          • ललितपुर
          • लखनऊ
          • महाराजगंज
          • महोबा
          • मैनपुरी
          • मथुरा
          • मऊ
          • मेरठ
          • मिर्जापुर
          • मुरादाबाद
          • मुज़फ्फरनगर
          • नोएडा
          • पीलीभीत
          • प्रतापगढ़
          • प्रयागराज
          • रायबरेली
          • रामपुर
          • सहारनपुर
          • सम्भल
          • संत कबीर नगर
          • शाहजहांपुर
          • शामली
          • श्रावस्ती
          • सिद्धार्थनगर
          • सीतापुर
          • सोनभद्र
          • सुल्तानपुर
          • उन्नाव
          • वाराणसी
        • Hide All Cities
  • देश
  • राजनीति
  • स्पॉटलाइट
  • खेल
  • विदेश
  • क्राइम
  • हेल्थ
  • एजुकेशन/करियर
  • धर्म/ज्योतिष
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • टेक्नोलॉजी
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2024. All Rights Reserved.
अमृत उजाला > अन्य खबरें > धर्मयुद्ध की चंडी-राजमाता अहिल्या बाई होल्कर
अन्य खबरें

धर्मयुद्ध की चंडी-राजमाता अहिल्या बाई होल्कर

amritujala
Last updated: May 31, 2026 5:30 pm
amritujala 2 months पहले
Share
SHARE


डाक्टर दीपक गोस्वामी

लोकमाता अहिल्याबाई होलकर का स्मरण करते ही भारतभूमि पर मातृशक्ति का वह रूप प्रकट होता है जिसमें वात्सल्य और वार दोनों एक साथ बसते हैं। उनके अट्ठाईस वर्ष का शासन केवल धर्मशाला और घाटों की कथा नहीं, वह रणभूमि की वह गाथा भी है जहाँ एक माता ने तलवार उठाकर सिद्ध किया कि करुणा जब कर्तव्य से जुड़ती है तो चंडी बन जाती है। उनका चरित्र युद्ध कौशल का वह पारसमणि है जिसने लोहे को भी स्वर्ण बना दिया।

जब मल्हारराव होलकर ने कुम्हेर के दुर्ग पर आक्रमण किया, तब बालिका अहिल्या ने युद्ध की नीति पहली बार निकट से देखी। पति खंडेराव वीरगति को प्राप्त हुए, पर अहिल्या ने आँसू नहीं बहाए। उन्होंने अपने आँचल में शस्त्र छिपा लिए। ससुर की मृत्यु के बाद जब गंगोबा तात्या ने बालक मालेराव को कठपुतली बनाकर सत्ता हथियानी चाही, तब यह माता मौन नहीं रही। उन्होंने पत्र लिखा कि राज्य की रक्षा के लिए मैं स्वयं कमर कस चुकी हूँ। यदि कोई लोभ से आगे बढ़ेगा तो उसे मेरी तलवार का सामना करना होगा। यह चेतावनी नहीं, संकल्प था। गंगोबा का षड्यंत्र टूट गया। उन्होंने सिद्ध किया कि राजनीति का सबसे बड़ा शस्त्र आत्मबल है।

राघोबा दादा जब विशाल सेना लेकर मालवा पर चढ़ आए, तब दरबार में भय छा गया। मंत्रियों ने कहा कि संधि कर लीजिए। तब अहिल्या ने श्रृंगार त्यागा, श्वेत वस्त्र धारण किए और हाथी पर सवार होकर सेना के सम्मुख आ खड़ी हुईं। उनके पास न बड़ी तोपें थीं, न अपार सेना। पर उनके पास प्रजा का विश्वास था। उन्होंने सेना से कहा कि यह भूमि मेरी नहीं, तुम्हारी माता की है। आज माता अपनी संतान से रक्षा माँग रही है। वे स्वयं व्यूह रचना के केंद्र में खड़ी हुईं। स्त्रियों ने घर से अनाज भेजा, किसानों ने अपने बैल युद्ध सामग्री ढोने को दिए। राघोबा ने देखा कि वह किसी रानी से नहीं, जनशक्ति से लड़ रहा है। बिना युद्ध के ही वह लौट गया। यह कूटनीति थी, यह मनोवैज्ञानिक विजय थी। अहिल्या ने बिना रक्त बहाए रण जीत लिया।

उनका युद्ध कौशल केवल मैदान में नहीं, दुर्ग प्रबंधन में भी था। महेश्वर का किला उन्होंने अभेद्य बनाया। किले की दीवारें ऐसी कि तोप के गोले टकराकर लौट जाएँ। नर्मदा के घाट से किले तक गुप्त सुरंगें बनवाईं, जिससे संकट में प्रजा सुरक्षित निकल सके। उन्होंने प्रत्येक गाँव में स्वयंसेवक नियुक्त किए जो सूचना तंत्र का कार्य करते। शत्रु की चाल की खबर उन तक पवन से पहले पहुँचती। उन्होंने कहा कि युद्ध लड़ने से पहले युद्ध टालने का प्रयत्न करना राजधर्म है। इसलिए उन्होंने भीलों और गोंडों से मित्रता की, उन्हें सेना में स्थान दिया। जंगल उनका कवच बन गए।

उनके पास तुकोजीराव होलकर जैसा सेनापति था, पर सेनापति का चयन ही उनकी दूरदर्शिता थी। उन्होंने संबंध नहीं, शौर्य देखा। तुकोजीराव को खुली छूट दी कि रण का निर्णय वही लें, पर नीति का निर्धारण अहिल्या स्वयं करतीं। जब तुकोजीराव लद्दाख तक मराठा ध्वज ले गए, तब अहिल्या ने कहा कि विजय का उत्सव नहीं मनाना, वहाँ भी अन्नसत्र खोलना। युद्ध भूमि को धर्मभूमि बना देना, यही उनका रण कौशल था।

वे जानती थीं कि तलवार की धार से अधिक पैनी दृष्टि होती है। उन्होंने गुप्तचर व्यवस्था ऐसी बनाई कि शत्रु के शिविर में क्या पक रहा है, इसकी सूचना उनके भोजनालय तक आ जाती। पर उन्होंने कभी छल का सहारा नहीं लिया। उनका उद्घोष था कि धर्मयुद्ध में अधर्म का शस्त्र नहीं उठाऊँगी। इसीलिए उनके शत्रु भी उनका सम्मान करते।

मथुरा-वृंदावन की रक्षा के लिए उन्होंने यमुना के घाटों पर ऐसी दीवारें उठवाईं जो बाढ़ भी रोकें और आक्रमण भी। कलकत्ता के मार्ग में बनवाए पुल ऐसे थे कि सेना भी निकल जाए और व्यापार भी बढ़े। धर्मशाला केवल यात्रियों के लिए नहीं थी, संकट में वही सैनिक छावनी बन जाती। उनका हर निर्माण दोहरा कवच था, श्रद्धा का भी और सुरक्षा का भी।

अहिल्याबाई का जीवन बताता है कि मातृशक्ति केवल सृजन नहीं करती, संहार भी जानती है जब धर्म पर संकट हो। वे दुर्गा का वह स्वरूप थीं जो एक हाथ में कमल रखती हैं तो दूसरे में खड्ग। उनके लिए युद्ध अंतिम विकल्प था, पर जब विकल्प न बचे तो वे स्वयं कालिका बन जाती थीं।

हे लोकमाता, तुम शक्ति का वह अनंत रूप हो जिसमें ममता की शीतलता और रणचंडी की ज्वाला एक साथ जलती है। तुमने सिद्ध किया कि युद्ध कौशल केवल अस्त्र चलाना नहीं, प्रजा को अजेय बना देना है। तुमने तलवार उठाई तो धर्म की रक्षा के लिए, रख दी तो करुणा की वर्षा के लिए। तुम्हारा चरित्र वह पारसमणि है जिसके स्पर्श से कायर भी वीर हो जाता है और वीर भी विनम्र। जब तक भारत में माताएँ बेटों को तुम्हारी लोरी सुनाएँगी, तब तक कोई शत्रु इस धरती की ओर आँख नहीं उठा सकेगा। तुम रण में भी माता थीं, सिंहासन पर भी माता थीं। तुम्हारा नाम हीरे के अक्षरों में नहीं, हर सैनिक के हृदय की धड़कन में अंकित है। शत-शत नमन।

You Might Also Like

सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने के बाद अभिजीत दीपके ने उठाया यह कदम!

फूलों की वर्षा और ढोल-नगाड़ों के बीच एसडीएम डॉ. हर्षिता तिवारी को भावभीनी विदाई

जननी सुरक्षा योजना की पारदर्शिता पर आरटीआई

झांसी में सीएचओ की समीक्षा बैठक, ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत करने और समयबद्ध रिपोर्टिंग के दिए निर्देश

घर में पंखा लगाते समय करंट की चपेट में आए भाई-बहन, बहन जिला अस्पताल रेफर

Previous Article युवक की मौत के बाद भड़का जनाक्रोश, कार्रवाई और मुआवजे की मांग पर हाईवे जाम
Next Article हाथों में झाड़ू, दिल में स्वच्छता का संकल्प: अयोध्या में उतरा जनसैलाब, चला महा स्वच्छता अभियान

ताजा खबरें

सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने के बाद अभिजीत दीपके ने उठाया यह कदम!

25 minutes पहले

सुल्तानपुर: पांच लाख की कथित छिनैती की सूचना निकली संदिग्ध

1 hour पहले

Auraiya: : तेज बुखार से पीड़ित युवक की मौत

3 hours पहले

Ayodhya में भक्ति और संस्कृति का संगम

3 hours पहले

सुल्तानपुर: प्राथमिक विद्यालय परिसर में जिम से लटका मिला अधेड़ का शव

3 hours पहले

उन्नाव: कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर महिला की हत्या

3 hours पहले

उन्नाव: मायके में फंदे से लटका मिला विवाहिता का शव

3 hours पहले

उन्नाव: प्रेमी प्रॉपर्टी डीलर ने की महिला मित्र की हत्या

3 hours पहले

उन्नाव: गंगा का बढ़ता जलस्तर बना किसानों की चिंता

3 hours पहले

उन्नाव: एससी-एसटी आयोग के सदस्य रमेश चंद्र कुंडे ने पीड़ित परिवार से की मुलाकात

3 hours पहले
Advertisement

Get Connected with us on social networks

X-twitter Threads

Popular Categories

  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • राजनीति
  • स्पॉटलाइट
  • खेल
  • विदेश
  • क्राइम
  • हेल्थ
  • एजुकेशन/करियर
  • धर्म/ज्योतिष
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • टेक्नोलॉजी

Download APP

  • About Us
  • Privacy Policy
  • Editorial Policy
  • Terms and Condition
  • Ownership Funding Disclosure
  • Contact us
आभार एवं धन्यवाद!
अमृत उजाला डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म के सफल शुभारंभ के अवसर पर मैं उन सभी सम्मानित अतिथियों, शुभचिंतकों, सहयोगियों, पत्रकार साथियों, विज्ञापनदाताओं एवं पाठकों का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ, जिन्होंने अपने स्नेह, विश्वास और शुभकामनाओं से हमें प्रेरित किया।

आपके सहयोग और समर्थन ने हमारे इस नए प्रयास को शक्ति प्रदान की है। हमारा संकल्प है कि हम निष्पक्ष, विश्वसनीय और जनहित से जुड़ी खबरों को सबसे पहले और सबसे बेहतर तरीके से आप तक पहुँचाते रहेंगे।

आपका विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है।

सादर,
डॉ. अखंड प्रताप सिंह
एडिटर इन चीफ एवं सीईओ
अमृत उजाला डिजिटल न्यूज़ नेटवर्क
“अब सच की रोशनी, हर जिले में”

डॉ. अखंड प्रताप सिंह

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?