अयोध्या।
प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि पर निर्मित भव्य राम मंदिर अब रात के समय भी अपनी दिव्यता और भव्यता से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध करेगा। मंदिर परिसर में अत्याधुनिक फसाड लाइटिंग (Facade Lighting) का कार्य शुरू हो गया है, जिसके पूरा होने के बाद मंदिर के शिखर, मंडप, स्तंभ और दीवारों पर उकेरी गई बारीक नक्काशी रात में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देगी।
राम मंदिर निर्माण कार्यों की निगरानी कर रही एजेंसी के परियोजना निदेशक बीके शुक्ल ने बताया कि फसाड लाइटिंग परियोजना के लिए आवश्यक करीब 90 प्रतिशत उपकरण और सामग्री स्थल पर पहुंच चुकी है। वर्तमान में मंदिर की संरचना को बिना किसी नुकसान के केबल प्रोफाइल फिक्सिंग का कार्य किया जा रहा है। इसके बाद वायरिंग और लाइट इंस्टॉलेशन का कार्य पूरा किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि प्रारंभिक लक्ष्य 30 जून 2026 तक कार्य पूरा करने का था, लेकिन तकनीकी कारणों से शुरुआत में हुई देरी के चलते अब इस परियोजना को पूर्ण होने में लगभग दो महीने का समय और लग सकता है। उम्मीद है कि अगस्त 2026 तक यह कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
फसाड लाइटिंग के तहत मंदिर के बाहरी हिस्सों को विशेष तकनीक से रोशन किया जाएगा। इसमें मुख्य रूप से दो प्रकार की आधुनिक लाइटों का उपयोग होगा। लीनियर लाइट मंदिर की बाहरी संरचना, शिखरों और स्तंभों को आकर्षक ढंग से प्रकाशित करेगी, जबकि फोकस लाइट मंदिर की नक्काशी, मूर्तियों और कलात्मक आकृतियों को विशेष रूप से उभारने का कार्य करेगी।
बीके शुक्ल ने बताया कि इस परियोजना की डिजाइन और तकनीकी रूपरेखा को अंतिम मंजूरी देने से पहले कई प्रतिष्ठित कंपनियों द्वारा मंदिर परिसर में ट्रायल किए गए थे। परीक्षणों की समीक्षा के बाद भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेन्द्र मिश्र की सहमति से चयनित एजेंसी को यह कार्य सौंपा गया l वर्तमान में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हाई-टेक प्रोजेक्टरों के माध्यम से मंदिर और परकोटा क्षेत्र को रोशन किया जा रहा है। फसाड लाइटिंग का स्थायी कार्य पूरा होते ही यह अस्थायी व्यवस्था हटा दी जाएगी। फसाड लाइटिंग के पूर्ण होने के बाद राम मंदिर का रात्रिकालीन स्वरूप और भी भव्य एवं अलौकिक दिखाई देगा, जिससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु रात के समय भी मंदिर की अद्वितीय वास्तुकला और सनातन शिल्पकला का दर्शन कर सकेंगे।
Report – आनंद त्रिपाठी अयोध्या




