एटा। जनपद एटा की थाना पिलुआ पुलिस ने मंदिरों से घंटा, मुकुट एवं अन्य धार्मिक सामग्री चोरी करने वाले अंतरजनपदीय गिरोह का सफल अनावरण करते हुए दो शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए 39 पीतल के घंटे, एक सफेद धातु का छत्र, 15 हजार रुपये नकद, चोरी में प्रयुक्त उपकरण तथा एक मोटरसाइकिल बरामद की है।
मंदिरों को निशाना बनाकर चोरी
पुलिस की इस कार्रवाई को धार्मिक स्थलों पर हो रही चोरी की घटनाओं के विरुद्ध बड़ी सफलता माना जा रहा है।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. इलामारन जी के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक श्वेताभ पाण्डेय के निकट पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी सदर संकल्प दीप कुशवाह के नेतृत्व में गठित टीम ने यह उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्त लंबे समय से विभिन्न जनपदों में मंदिरों को निशाना बनाकर चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहे थे।पुलिस के अनुसार 16 जून 2026 को ग्राम बंथल कुतकपुर निवासी ओमकार सिंह ने थाना पिलुआ में सूचना दी थी कि गांव स्थित चण्डी माता मंदिर से लगभग 100 किलोग्राम वजन के पीतल के घंटे, माता का चांदी का मुकुट एवं छत्र चोरी हो गए हैं।
शिकायत के आधार पर थाना पिलुआ में अज्ञात चोरों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच प्रारंभ की गई।घटना के अनावरण के लिए गठित पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 17 जून को दो आरोपियों—विनोद कुमार पुत्र महीपाल निवासी ग्राम अलामपुर थाना मिरहची, जनपद एटा तथा योगेश उर्फ लाला पुत्र जगत सिंह निवासी महाराजपुर थाना कोतवाली देहात, जनपद बुलंदशहर—को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने कई मंदिर चोरी की घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की।
थाना सकरौली क्षेत्र स्थित तलिया वाली माता मंदिर से घंटे एवं माता की मूर्ति चोरी
पुलिस पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि उन्होंने 5/6 अप्रैल 2026 की रात्रि में थाना सकरौली क्षेत्र स्थित तलिया वाली माता मंदिर से घंटे एवं माता की मूर्ति चोरी की थी। इसके अतिरिक्त 12 मई 2026 को थाना जसरथपुर क्षेत्र के ग्राम दहेलिया पूठ स्थित प्राचीन शिव मंदिर से पीतल का घंटा तथा 1 जून 2026 को थाना पिलुआ क्षेत्र में स्थित एक मंदिर से तीन पीतल के घंटे चोरी किए थे।जांच में यह भी सामने आया कि अभियुक्त योगेश उर्फ लाला गांवों के बाहर स्थित मंदिरों की पहले रेकी करता था। वह मंदिरों के खुलने-बंद होने का समय, आने-जाने वाले लोगों की गतिविधियों और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी जुटाता था। इसके बाद दोनों आरोपी रात्रि के समय मंदिर बंद होने पर चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे।
चोरी किए गए घंटे, मुकुट एवं अन्य धातु सामग्री को वे औने-पौने दामों में बेच देते थे और प्राप्त धनराशि का आपस में बंटवारा कर लेते थे।पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 39 छोटे-बड़े पीतल के घंटे, एक सफेद धातु का छत्र, 15 हजार रुपये नकद, एक कैंची कटर, एक प्लास तथा घटना में प्रयुक्त एचएफ डीलक्स मोटरसाइकिल बरामद की है।
अभियुक्तों का लंबा आपराधिक इतिहास
पुलिस अभिलेखों के अनुसार दोनों अभियुक्तों का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। विनोद कुमार के विरुद्ध एटा, बुलंदशहर एवं कासगंज जनपदों में चोरी, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट तथा अन्य गंभीर धाराओं में एक दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। वहीं योगेश उर्फ लाला के विरुद्ध बुलंदशहर, गाजियाबाद, हापुड़, गौतमबुद्ध नगर एवं एटा सहित विभिन्न जनपदों में चोरी, गैंगस्टर एक्ट और अन्य आपराधिक मामलों के 17 से अधिक मुकदमे पंजीकृत हैं।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. इलामारन जी ने कहा कि धार्मिक स्थलों पर चोरी जैसी घटनाओं को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जनपद में अपराधियों के विरुद्ध लगातार प्रभावी अभियान चलाया जा रहा है।
थाना पिलुआ पुलिस ने सराहनीय कार्य करते हुए न केवल घटना का सफल अनावरण किया है, बल्कि एक सक्रिय अंतरजनपदीय गिरोह का भी पर्दाफाश किया है। ऐसे अपराधियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।अपर पुलिस अधीक्षक श्वेताभ पाण्डेय ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त पेशेवर एवं शातिर अपराधी हैं, जो सुनसान एवं गांवों के बाहरी क्षेत्रों में स्थित मंदिरों को निशाना बनाते थे। तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर तंत्र एवं सतत निगरानी के आधार पर पुलिस टीम को यह सफलता प्राप्त हुई है।
अभियुक्तों से पूछताछ के आधार पर अन्य घटनाओं की भी जांच की जा रही है।क्षेत्राधिकारी सदर संकल्प दीप कुशवाह ने कहा कि घटना के खुलासे के लिए गठित टीम ने लगातार परिश्रम करते हुए महत्वपूर्ण सुराग जुटाए, जिसके आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। बरामद धार्मिक सामग्री की पहचान कराकर उसे विधिक प्रक्रिया के तहत संबंधित पक्षों को सुपुर्द कराया जाएगा। साथ ही अभियुक्तों के अन्य साथियों एवं उनके नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।इस सफल अनावरण में थानाध्यक्ष संदीप राणा, उपनिरीक्षक नरेन्द्र कुमार, उपनिरीक्षक जुगेन्द्र उपाध्याय, हेड कांस्टेबल भूपेन्द्र सिंह, हेड कांस्टेबल कुँवर इरफान अली, कांस्टेबल सतपाल सिंह, कांस्टेबल तरुण कुमार, आरक्षी अनिकेत ठाकुर तथा आरक्षी गौरव कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।







