570 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास, विकास को बताया सरकार की प्राथमिकता
उन्नाव। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को उन्नाव दौरे के दौरान विकास परियोजनाओं की सौगात देने के साथ-साथ राजनीतिक संदेश भी दिया। उन्होंने उन्नाव सदर और भगवंतनगर विधानसभा क्षेत्रों के लिए करीब 570 करोड़ रुपये की 101 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए जिले को प्रदेश के विकास मानचित्र पर तेजी से आगे बढ़ाने का भरोसा दिलाया।
‘उन्नाव अब विकास की मुख्यधारा में’
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्नाव अब उपेक्षा का शिकार नहीं रहेगा। उन्होंने बताया कि जिले को राज्य राजधानी क्षेत्र (SCR) से जोड़ा गया है, जिससे लखनऊ, उन्नाव और कानपुर के बीच विकास की नई धुरी तैयार होगी। उन्होंने कहा कि सरकार की योजना है कि विकास का लाभ केवल राजधानी तक सीमित न रहे, बल्कि आसपास के जिलों तक भी पहुंचे।
सड़क और कनेक्टिविटी पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्नाव में सड़क संपर्क व्यवस्था लगातार मजबूत की जा रही है। कई प्रमुख मार्गों को फोरलेन में बदला गया है, जबकि कानपुर-लखनऊ के बीच नए द्रुतगामी मार्ग का निर्माण भी प्रगति पर है। गंगा नदी पर अतिरिक्त पुलों के निर्माण का भी उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी से निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
विपक्ष पर भी साधा निशाना
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार विकास और सुशासन के एजेंडे पर काम कर रही है, जबकि पूर्ववर्ती सरकारों के समय प्रदेश विकास की दौड़ में पिछड़ गया था। उन्होंने दावा किया कि आज सरकारी योजनाओं का लाभ बिना भेदभाव सीधे पात्र लोगों तक पहुंच रहा है।
एक्सप्रेसवे को लेकर लोगों में उत्सुकता
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे भी चर्चा में रहा। कार्यक्रम स्थल के निकट होने के कारण लोगों को उम्मीद थी कि एक्सप्रेसवे का लोकार्पण भी हो सकता है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। हालांकि वीआईपी आवागमन के लिए अस्थायी रूप से बैरियर हटाकर मार्ग खोला गया, जिससे स्थानीय लोगों में इसे लेकर चर्चा बनी रही।
मंच पर मुकुट भेंट करने का प्रस्ताव ठुकराया
कार्यक्रम के दौरान मोहान विधायक बृजेश रावत ने मुख्यमंत्री को चांदी का मुकुट और गदा भेंट करने की इच्छा जताई, लेकिन मुख्यमंत्री ने विनम्रता से इसे स्वीकार नहीं किया। बाद में विधायक ने बताया कि मुख्यमंत्री ने भविष्य में मोहान विधानसभा क्षेत्र में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में आने का संकेत दिया है।
मंच व्यवस्था भी बनी चर्चा का विषय
मुख्यमंत्री की जनसभा में मंच पर सीमित लोगों को स्थान मिलने को लेकर भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा रही। कुछ वरिष्ठ नेताओं और पूर्व पदाधिकारियों को मंच पर जगह नहीं मिल सकी, जबकि स्थानीय जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों को प्रोटोकॉल के अनुसार स्थान दिया गया। कार्यक्रम के बाद यह मुद्दा सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना रहा।
विकास और राजनीति दोनों पर नजर
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री का यह दौरा केवल विकास परियोजनाओं के उद्घाटन तक सीमित नहीं था। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए यह कार्यक्रम सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने और राजनीतिक माहौल को साधने की रणनीति का भी हिस्सा माना जा रहा है। उन्नाव में विकास, निवेश और कनेक्टिविटी को लेकर दिए गए संदेश आने वाले चुनावी विमर्श में भी अहम भूमिका निभा सकते हैं।







