धार्मिक पर्यटन को मिलेगी नई पहचान
मुख्यमंत्री पर्यटन विकास परियोजना के तहत यात्री निवास, प्रवेश द्वार और अन्य आधुनिक सुविधाएं होंगी विकसित
सतनाम पंथ की प्रमुख तपोस्थली पर बढ़ेंगी श्रद्धालुओं की सुविधाएं, स्थानीय रोजगार और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
बाराबंकी : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप उत्तर प्रदेश सरकार राज्य राजधानी क्षेत्र (एससीआर) में धार्मिक पर्यटन को नई पहचान देने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है। इसी क्रम में बाराबंकी जिले के 356 वर्ष पुराने कोटवा धाम स्थित समर्थ साहेब बाबा जगजीवन दास मंदिर का पर्यटन विकास किया जाएगा। मुख्यमंत्री पर्यटन विकास परियोजना के तहत 2.02 करोड़ रुपये की लागत से श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि सतनाम पंथ की प्रमुख तपोस्थली कोटवा धाम सत्य, समानता और सामाजिक सद्भाव का संदेश देने वाला महत्वपूर्ण धार्मिक केंद्र है। सरकार सभी धर्मों और पंथों की आस्था का सम्मान करते हुए ऐसे स्थलों को पर्यटन मानचित्र पर विशेष पहचान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। परियोजना के लिए 1.50 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की जा चुकी है।परियोजना के तहत यात्री निवास, शौचालय ब्लॉक, वस्त्र परिवर्तन कक्ष, भव्य प्रवेश द्वार, म्यूरल वॉल, सजावटी स्तंभ, पेयजल व्यवस्था, पेवर ब्लॉक, मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण तथा अन्य यात्री सुविधाओं का विकास कराया जाएगा।सिरौलीगौसपुर तहसील स्थित कोटवा धाम सतनाम पंथ की प्रमुख आस्था स्थली है, जहां प्रतिवर्ष माघ शुक्ल सप्तमी पर बाबा जगजीवन दास के जन्मोत्सव में प्रदेश सहित अन्य राज्यों से हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं।जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने कहा कि परियोजना के सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार समयबद्ध ढंग से पूरे कराए जाएंगे। इससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार व स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।








