अलमारी और रिकॉर्ड किए गए सील
निलंबन के चार दिन बाद डीजी हेल्थ के निर्देश पर जांच तेज, ओपीडी कक्ष की तलाशी लेकर अभिलेख कब्जे में लिए गए
बाराबंकी। जिला अस्पताल में तैनात सर्जन डॉ. रोहित प्रसाद के खिलाफ विभागीय कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। निलंबन के चार दिन बाद गुरुवार को डीजी हेल्थ के निर्देश पर गठित टीम ने जिला अस्पताल पहुंचकर उनके ओपीडी कक्ष की जांच की। इस दौरान कक्ष की तलाशी लेकर महत्वपूर्ण अभिलेख अपने कब्जे में लिए गए तथा उनकी अलमारी और संबंधित रिकॉर्ड को सील कर दिया गया।
कार्रवाई का नेतृत्व मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. जयप्रकाश मौर्य की मौजूदगी में किया गया। जांच टीम ने डॉ. रोहित प्रसाद से जुड़े दस्तावेजों और कार्यप्रणाली से संबंधित रिकॉर्ड का परीक्षण शुरू कर दिया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान सभी आवश्यक अभिलेख सुरक्षित रखे गए हैं, ताकि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जा सके।
डॉ. रोहित प्रसाद पर मरीजों और अस्पताल के कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार करने, समय से ड्यूटी पर उपस्थित न होने, ऑपरेशन थिएटर में अनावश्यक देरी करने तथा वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इसके अलावा उनके विरुद्ध उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक आचरण नियमावली-1956 के उल्लंघन का भी मामला दर्ज किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई तय होगी। फिलहाल पूरे मामले पर स्वास्थ्य विभाग की नजर बनी हुई है और जिला अस्पताल के कर्मचारियों के बीच भी इस कार्रवाई को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है।







