सांसद प्रतिनिधि को सौंपा ज्ञापन
महराजगंज। वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता से मुक्त किए जाने की मांग को लेकर शुक्रवार को उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, महाराजगंज ने सांसद प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपा। यह अभियान टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा के आह्वान पर देशव्यापी कार्यक्रम के तहत आयोजित किया गया।
सैकड़ों शिक्षकों ने एकजुट होकर सांसद प्रतिनिधि जगदीश मिश्रा को ज्ञापन सौंपा और संसद के आगामी मानसून सत्र में अध्यादेश लाकर आवश्यक संवैधानिक एवं विधायी संशोधन किए जाने की मांग की। ज्ञापन स्वीकार करते हुए सांसद प्रतिनिधि ने शिक्षकों को आश्वस्त किया कि उनकी मांग सांसद तक पहुंचाई जाएगी।
शिक्षकों ने बताया मांग का आधार
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष केशव मणि त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम, 2009 के मूल प्रावधानों के अनुसार वर्ष 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी उत्तीर्ण करने की अनिवार्यता लागू नहीं थी। उनका कहना है कि बाद में किए गए संशोधनों और न्यायिक निर्णयों के प्रभाव से पहले से कार्यरत शिक्षकों पर यह शर्त लागू होने से उनके सेवा हित प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में हुए संशोधन और उसके बाद आए न्यायिक निर्णयों के कारण ऐसे शिक्षकों के भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति बनी है। शिक्षक संगठन का मानना है कि इस विषय का समाधान संसद के माध्यम से ही संभव है।
‘अन्याय नहीं सहेंगे’
संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष बैजनाथ सिंह ने सरकार से लंबे समय से कार्यरत शिक्षकों की सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। वहीं जिलामंत्री सत्येंद्र कुमार मिश्र ने कहा कि शिक्षक किसी परीक्षा से पीछे नहीं हट रहे हैं, लेकिन पूर्वव्यापी प्रभाव से नियम लागू कर सेवा शर्तों में बदलाव करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि शिक्षक संगठन अपनी मांग को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगा।
बड़ी संख्या में शिक्षक रहे मौजूद
ज्ञापन कार्यक्रम में जिला कोषाध्यक्ष मनौव्वर अली, जिला संयुक्त मंत्री अखिलेश पाठक, डॉ. सुधाकर राय, दिनेश मणि त्रिपाठी, नवीन शुक्ला, दुर्गेश पांडेय, राघवेंद्र पांडेय, हरीश शाही, अलाउद्दीन खां, अरविंद गुप्ता सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं संगठन के पदाधिकारी उपस्थित रहे।






















