अमरोली विस्फोट मामला
अलीगंज (एटा)। थाना अलीगंज क्षेत्र के ग्राम अमरोली रतनपुर में 16 जुलाई की तड़के हुए विस्फोट मामले में पुलिस जांच के बाद नया मोड़ आ गया है। घटना के बाद साजिश की आशंका जताने वाले दुकान संचालक सतीशचंद्र गुप्ता के खिलाफ ही पुलिस ने बिना वैध लाइसेंस के विस्फोटक पदार्थ रखने और लापरवाही बरतने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है। मामले में फोरेंसिक जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, थाना अलीगंज में तैनात उपनिरीक्षक धनश्याम सिंह की तहरीर पर दर्ज मुकदमे में कहा गया है कि 16 जुलाई की सुबह करीब 3:45 बजे सतीशचंद्र गुप्ता के घर में रखे विस्फोटक पदार्थ में विस्फोट हो गया। धमाका इतना तेज था कि मकान का मुख्य लोहे का गेट, अंदर के दो दरवाजे, अलमारी की दीवार और दुकान की दीवार क्षतिग्रस्त हो गई। आसपास के मकानों में भी कंपन महसूस किया गया और लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए।
पुलिस का कहना है कि घटना के समय परिवार के सदस्य छत पर सो रहे थे, जिससे जनहानि नहीं हुई। जांच में यह आरोप सामने आया है कि घर में रखे विस्फोटक पदार्थ के लिए कोई वैध लाइसेंस नहीं था। इसी आधार पर सतीशचंद्र गुप्ता के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 125 और 288 तथा विस्फोटक अधिनियम, 1884 की धारा 5/9-बी(2) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
गौरतलब है कि घटना के तुरंत बाद सतीशचंद्र गुप्ता ने इसे शरारती तत्वों की साजिश बताया था और यह दावा किया था कि वह गंधक-पोटाश का कारोबार नहीं करते। हालांकि पुलिस का कहना है कि घटनास्थल से जुटाए गए प्रारंभिक साक्ष्यों के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
प्रभारी निरीक्षक रुपेश कुमार वर्मा ने बताया कि मामले की विवेचना जारी है। घटनास्थल से एकत्र किए गए साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद यदि अन्य तथ्य सामने आते हैं तो मुकदमे में आवश्यक धाराएं बढ़ाई जा सकती हैं। साथ ही विस्फोट में प्रयुक्त सामग्री के स्रोत की भी जांच की जा रही है।







