रामसनेहीघाट। सावन के पावन महीने में शनिवार को सुमेरगंज कस्बा भगवान शिव की भक्ति में सराबोर नजर आया। जय मां दुर्गा मंदिर से करीब 100 कांवड़ियों का जत्था ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारों के बीच रामनगर स्थित प्रसिद्ध लोधेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक के लिए रवाना हुआ।
कल्याणी नदी से जल लेकर महादेवा के लिए निकले कांवड़िए
कांवड़ यात्रा की शुरुआत सुमेरगंज स्थित बुढ़े हनुमान मंदिर से हुई। यहां से श्रद्धालु तासीपुर गांव स्थित बुढ़वा बाबा मंदिर के पास बह रही कल्याणी नदी के तट पर पहुंचे। कांवड़ियों ने नदी से पवित्र जल भरा और इसके बाद पैदल यात्रा करते हुए रामनगर के महादेवा धाम के लिए रवाना हो गए। श्रद्धालुओं का कहना है कि महादेवा पहुंचकर भगवान लोधेश्वर महादेव का विधि-विधान से जलाभिषेक किया जाएगा। इसके साथ ही परिवार और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की जाएगी।
जयकारों से शिवमय हुआ वातावरण
कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालु हाथों में कांवड़ लेकर भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के उद्घोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। रास्ते में जगह-जगह स्थानीय लोगों ने कांवड़ियों का स्वागत किया। सावन के भक्ति गीतों और शिव के जयघोष के बीच कांवड़ियों का जत्था उत्साह के साथ महादेवा की ओर बढ़ता रहा। यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला।
कई वर्षों से चली आ रही है कांवड़ यात्रा
कांवड़ यात्रा में दुर्गेश कुमार, संदीप कुमार, सोनू, विवेक कुमार, रीशु, राहुल, गोलू मिश्रा, विकास कुमार, अश्विनी, कुलदीप और संतोष यादव समेत करीब 100 श्रद्धालु शामिल हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, सुमेरगंज से महादेवा तक सावन में कांवड़ यात्रा निकालने की परंपरा कई वर्षों से चली आ रही है। समय के साथ यह यात्रा क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा बन गई है। कांवड़ियों के रवाना होने के साथ ही सुमेरगंज कस्बे में दिनभर भगवान शिव की भक्ति का माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह ने पूरे क्षेत्र को शिवमय कर दिया।






