लखनऊ: बुधवार दोपहर बाद हुई तेज बारिश ने सरोजनीनगर क्षेत्र में जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। कानपुर एक्सप्रेस-वे निर्माण के दौरान पीएनसी कंपनी की ओर से बनाए गए नाले में जल निकासी बाधित होने के कारण बारिश का पानी सड़क पर फैल गया और देखते ही देखते सरोजनीनगर थाने के परिसर में घुस गया। थाना परिसर और बरामदे में पानी भरने से पुलिसकर्मियों के साथ फरियादियों और आगंतुकों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश के बाद नाला चोक होने से पानी का बहाव रुक गया। सड़क पर जमा पानी धीरे-धीरे सरोजनीनगर थाने की ओर बढ़ा और कुछ ही देर में पूरा थाना परिसर जलभराव की चपेट में आ गया। बरामदे तक पानी पहुंचने से पुलिसकर्मियों को शिकायतें सुनने और अन्य जरूरी काम करने में दिक्कत हुई। यहां कुर्सी-मेज लगाकर फरियादियों की शिकायतें सुनने वाले पुलिसकर्मियों को भी बैठने के लिए जगह तलाशनी पड़ी।
हनुमान मंदिर भी जलभराव की चपेट में
थाने के ठीक बगल स्थित हनुमान मंदिर परिसर में भी बारिश का पानी भर गया। मंदिर के अंदर तक पानी पहुंचने से पुजारी और पूजा-पाठ के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी हुई। जलभराव के चलते मंदिर परिसर में भी लोगों की आवाजाही प्रभावित रही।
कई इलाकों का पानी इसी नाले से जाता है
स्थानीय लोगों के मुताबिक, कानपुर एक्सप्रेस-वे निर्माण के दौरान पीएनसी कंपनी ने कानपुर रोड के चौड़ीकरण के साथ सड़क के दोनों ओर नालों का निर्माण कराया था। ट्रांसपोर्ट नगर मेट्रो स्टेशन के पास बदालीखेड़ा, अवध विहार, शमा बिहार और सत्यलोक कॉलोनी समेत कानपुर रोड के आसपास के कई इलाकों का बारिश का पानी इसी नाले के जरिए स्कूटर इंडिया की तरफ जाता है। बताया गया कि सैनिक स्कूल के पास नाला चोक होने के कारण पानी आगे नहीं निकल सका। इसके अलावा कानपुर एक्सप्रेस-वे की एलिवेटेड रोड की चढ़ाई और उतराई से आने वाला पानी भी नाले में जाने के बजाय सड़क पर फैल गया। पानी का बहाव तेज होने के कारण यह सरोजनीनगर थाने और आसपास के क्षेत्रों में पहुंच गया।
देर शाम तक नहीं पहुंचा नगर निगम का कर्मचारी
जलभराव की सूचना मिलने के बाद स्थानीय स्तर पर नगर निगम को इसकी जानकारी दी गई। सरोजनीनगर थाना प्रभारी निरीक्षक राजदेव राम प्रजापति ने बताया कि अचानक हुए जलभराव की सूचना तत्काल नगर निगम को दी गई है। उन्होंने कहा कि पंपिंग सेट पहुंचने के बाद ही पानी निकाला जा सकेगा। स्थानीय लोगों ने नगर निगम और पीएनसी कंपनी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए नाले की तत्काल सफाई कराने और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान हर बार जलभराव की समस्या सामने आती है, लेकिन इसका स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है। देर शाम तक सरोजनीनगर थाना परिसर और आसपास के क्षेत्र में जलभराव की स्थिति बनी रही। स्थानीय लोगों के मुताबिक, काफी देर तक नगर निगम का कोई अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली।






















