उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में गंगा एक्सप्रेसवे पर सड़क का एक हिस्सा धंसने के बाद करीब 5 फीट गहरा गड्ढा हो गया है। घटना के बाद एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता और निर्माण कार्य को लेकर सवाल उठने लगे हैं। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार किए गए इस महत्वपूर्ण एक्सप्रेसवे पर इस तरह की समस्या सामने आने से राहगीरों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
गंगा एक्सप्रेसवे को उत्तर प्रदेश की प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में शामिल किया गया है। करीब 36 हजार करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस एक्सप्रेसवे का लोकार्पण 29 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। ऐसे में लोकार्पण के कुछ समय बाद सड़क पर इस तरह का गड्ढा सामने आना निर्माण की गुणवत्ता और सड़क की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
स्थानीय स्तर पर एक्सप्रेसवे को लेकर पहले भी अलग-अलग तरह की शिकायतें और तस्वीरें सामने आती रही हैं। कहीं जलभराव की बात सामने आई, तो कहीं सड़क पर दरारें दिखाई देने की खबरें आईं। अब उन्नाव में सड़क के धंसने और करीब पांच फीट गहरा गड्ढा होने की घटना ने इन सवालों को और हवा दे दी है। हालांकि, गड्ढा बनने का वास्तविक कारण क्या है, यह तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
इतनी बड़ी और महंगी परियोजना से लोगों को बेहतर, सुरक्षित और टिकाऊ सड़क की उम्मीद होती है। इसलिए जरूरी है कि संबंधित विभाग इस घटना की गंभीरता से जांच कराए और यह स्पष्ट करे कि सड़क धंसने के पीछे जलभराव, मिट्टी की गुणवत्ता, निर्माण सामग्री या कोई अन्य तकनीकी कारण जिम्मेदार है। साथ ही, यदि निर्माण में किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए, क्योंकि एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले लोगों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।





















