अयोध्या। 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के निर्माण के चलते नाका क्षेत्र में विस्थापित हुए दुकानदारों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। नगर निगम की ओर से उनके पुनर्वास के लिए वेंडिंग जोन विकसित कर दुकानें उपलब्ध कराई जाएंगी। शुक्रवार को महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने विस्थापित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और जल्द समाधान का भरोसा दिया। इस दौरान नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार भी मौजूद रहे। महापौर ने कहा कि प्रभावित परिवारों की मदद के लिए प्रशासन के साथ लगातार बातचीत की जा रही है।
सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान महापौर ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से नगर निगम को नजूल की जमीन उपलब्ध कराए जाने के बाद वहां वेंडिंग जोन विकसित किया जाएगा। इसके बाद प्राथमिकता के आधार पर विस्थापित दुकानदारों को दुकानें दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि अक्षय नवमी पर होने वाली 14 कोसी परिक्रमा से पहले सड़क निर्माण कार्य पूरा करना जरूरी था। विकास कार्य के दौरान जिन लोगों को विस्थापित होना पड़ा है, उनके पुनर्वास के लिए सरकार की ओर से उचित कदम उठाए जाएंगे।
महापौर ने बताया कि फिलहाल विस्थापित दुकानदारों को बारिश और धूप से बचाने के लिए अस्थायी शेड उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। साथ ही मौके पर मोबाइल टॉयलेट की व्यवस्था भी की जा रही है। नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने कहा कि महापौर के साथ प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया गया है। जल्द ही अस्थायी शेड बनाकर दुकानदारों को दिए जाएंगे। वेंडिंग जोन तैयार होने के बाद विस्थापित दुकानदारों को प्राथमिकता के आधार पर दुकानें उपलब्ध कराई जाएंगी।
वहीं, महापौर ने अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अब जोनल अधिकारी की मौजूदगी के बिना ऐसी कार्रवाई नहीं की जाएगी। नगर आयुक्त जल्द ही प्रवर्तन दल को कैमरे उपलब्ध कराएंगे, ताकि कार्रवाई की पूरी प्रक्रिया रिकॉर्ड की जा सके। इससे किसी भी अप्रिय स्थिति में तथ्यों के आधार पर उचित कदम उठाने में मदद मिलेगी। इस दौरान महापौर ने मुरारी यादव समेत अन्य विस्थापित परिवारों से मुलाकात की। मौके पर अपर नगर आयुक्त डॉ. नागेंद्र नाथ, जय प्रकाश श्रीवास्तव, हेमंत जायसवाल और अन्य लोग मौजूद रहे।





















