केयरटेकर का दावा- दरोगा ने कमरा दिलाने का बनाया दबाव, गृह मंत्रालय की टीम का दिया हवाला
अमरोहा। उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के हसनपुर स्थित उत्तराखंड के खानपुर विधायक उमेश शर्मा के फार्म हाउस में युवती से कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले की जांच आगे बढ़ रही है। पुलिस ने फार्म हाउस के केयरटेकर रामनिवास के बयान दर्ज किए हैं। केयरटेकर ने आरोप लगाया कि रजबपुर थाने में तैनात दरोगा नरेश पाल राणा ने फार्म हाउस पर कमरा उपलब्ध कराने के लिए उस पर दबाव बनाया था।
केयरटेकर के मुताबिक, दरोगा ने फोन कर कहा था कि गृह मंत्रालय की जांच टीम फार्म हाउस पर आने वाली है और कुछ देर रुकने के लिए कमरे की जरूरत है। इसी आधार पर उसने कमरे उपलब्ध कराने को कहा और फार्म हाउस की लोकेशन भी मांगी।
केयरटेकर ने शिकायत वापस लेने से किया इनकार
घटना के बाद केयरटेकर ने पुलिस को लिखित शिकायत दी थी। सोमवार को हसनपुर कोतवाली के इंस्पेक्टर ने उसे बुलाकर शिकायत और पूरे घटनाक्रम के संबंध में बयान दर्ज किए।
केयरटेकर ने पुलिस के सामने आरोप लगाया कि दरोगा नरेश पाल राणा ने आरोपियों को कमरे दिलाने के लिए फोन किया था। उसने यह भी कहा कि विरोध करने पर उसे जान से मारने की धमकी दी गई थी। केयरटेकर ने अपनी शिकायत वापस लेने से इनकार किया है।
अब जांच अधिकारी सीओ नौगावां सादात अवधभान भदौरिया यह पता लगाने में जुटे हैं कि दरोगा नरेश पाल राणा का आरोपियों से क्या संबंध था और क्या वास्तव में उन्होंने फार्म हाउस में कमरा दिलाने के लिए फोन किया था। नरेश पाल को निलंबित किया जा चुका है।
दो विवेचक करेंगे मामले की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया है। एसपी लखन सिंह यादव ने मुख्य विवेचक के साथ आदमपुर थाना प्रभारी कोमल को सह-विवेचक नियुक्त किया है। पुलिस के अनुसार, महिला विवेचक पीड़िता के लगातार संपर्क में है और उसके बयान तथा मामले से जुड़ी अन्य जानकारी जुटा रही है।
पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान पीड़िता की सुरक्षा और उसके बयान को प्राथमिकता दी जा रही है। मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एससी-एसटी एक्ट की धाराएं बढ़ाने की तैयारी
पुलिस के मुताबिक पीड़िता के अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र की जांच के बाद मामले में एससी-एसटी एक्ट की संबंधित धाराएं बढ़ाई जाएंगी। एसपी ने कहा है कि प्रमाण पत्र मिलने के बाद इस दिशा में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले में चार आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें दो सीआरपीएफ कर्मी और उत्तर प्रदेश पुलिस के दो कर्मी शामिल हैं। आरोपों के आधार पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है।
सिपाही प्रमोद ने मांगी जमानत
मामले में जेल में बंद सिपाही प्रमोद कुमार ने अदालत में जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल किया है। अदालत ने जमानत अर्जी पर पुलिस से रिपोर्ट मांगी है। मामले की अगली सुनवाई पांच अक्तूबर को होगी।
अन्य नामजद आरोपियों की ओर से अभी जमानत के लिए अदालत में आवेदन किए जाने की जानकारी सामने नहीं आई है।
विधायक की भूमिका पर भी पुलिस जुटा रही जानकारी
फार्म हाउस के मालिक और उत्तराखंड के खानपुर विधायक उमेश शर्मा की भूमिका को लेकर भी पुलिस जानकारी जुटा रही है। उपलब्ध पुलिस बयान के अनुसार, अब तक घटना में विधायक की संलिप्तता सामने नहीं आई है। पुलिस फार्म हाउस की व्यवस्थाओं और वहां आने-जाने वाले लोगों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।
मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी संज्ञान लिया है और उत्तर प्रदेश के डीजीपी से कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है।
जांच अभी जारी है। इसलिए केयरटेकर और पीड़िता की ओर से लगाए गए आरोपों के अंतिम तथ्य जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।




















