अयोध्या आगमन के दौरान विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र सौंपकर सरयू नदी के तट से सटे निर्मलीकुंड, गुप्तारघाट, जमथराघाट और मीरनघाट क्षेत्र की करीब 100 वर्ष से अधिक पुरानी आबादी के स्थायी समाधान की मांग की। विधायक ने पत्र में लंबे समय से इन क्षेत्रों में रह रहे गरीब और पात्र परिवारों की भूमि के स्वामित्व और नियमितीकरण की कार्रवाई कराने का अनुरोध किया है।
विधायक के मुताबिक, इन क्षेत्रों में लोग पीढ़ी-दर-पीढ़ी निवास करते आ रहे हैं। यह इलाका अयोध्या के महत्वपूर्ण धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों से जुड़ा है और 14 कोसी परिक्रमा मार्ग भी इन क्षेत्रों से होकर गुजरता है। पत्र में कहा गया है कि स्थानीय निवासियों के पूर्वजों के नाम जनगणना और विभिन्न अभिलेखों में दर्ज रहे हैं। छावनी परिषद की ओर से भी यहां जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र सहित अन्य नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती रही हैं।
वेद प्रकाश गुप्ता ने कहा कि भूमि के स्वामित्व और नियमितीकरण का स्थायी समाधान नहीं होने के कारण स्थानीय लोगों को समय-समय पर अतिक्रमण संबंधी नोटिस और अन्य परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने पात्र एवं लंबे समय से निवास कर रहे गरीब परिवारों के खिलाफ चल रही बेदखली संबंधी कार्रवाई पर प्रकरण के निस्तारण तक नियमानुसार रोक या राहत देने का अनुरोध किया है।
पत्र में निर्वाचन आयोग की मतदाता सूची से विलोपित पात्र निवासियों के नामों की जांच कर उन्हें दोबारा सूची में शामिल कराने की मांग भी की गई है। इसके अलावा पात्र परिवारों को मूलभूत सुविधाएं और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देने का अनुरोध किया गया है। विधायक ने कहा कि इससे वर्षों से रह रहे परिवारों को स्थायी समाधान के साथ उनके नागरिक अधिकार भी मिल सकेंगे।





















