संत की सुरक्षा को लेकर भी उठाए सवाल
मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी महाराज ने संत प्रेमानंद महाराज को लेकर कई गंभीर दावे किए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिखे पत्र में संत की सुरक्षा पर चिंता जताते हुए आश्रम की गतिविधियों की निष्पक्ष जांच की मांग की है। पत्र में उन्होंने दावा किया कि एक गुट ने भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली को कथित तौर पर पांच करोड़ रुपये देकर संत प्रेमानंद महाराज के दरबार में बुलाया था।
दिनेश फलाहारी महाराज का दावा है कि विराट कोहली के संत प्रेमानंद महाराज से मिलने के बाद उनकी लोकप्रियता देशभर में तेजी से बढ़ी। हालांकि, इस पांच करोड़ रुपये के भुगतान के दावे के समर्थन में पत्र में कोई सार्वजनिक प्रमाण या दस्तावेज सामने नहीं रखा गया है। विराट कोहली की ओर से भी इस दावे पर कोई प्रतिक्रिया सामने आने की जानकारी नहीं है।
आश्रम की गतिविधियों की जांच की मांग
दिनेश फलाहारी ने संत प्रेमानंद महाराज से बेलवन आश्रम छोड़कर गोवर्धन आने की अपील की है। उन्होंने संत की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए आश्रम में कथित गुटबाजी का भी आरोप लगाया है।
पत्र में यमुना के डूब क्षेत्र की जमीनों की कथित खरीद-फरोख्त और कुछ लोगों की संदिग्ध गतिविधियों के आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने आश्रम से जुड़े मामलों की जांच की मांग करते हुए सीबीआई जांच कराने की अपील भी की है।
पत्र में बच्चों के लापता होने और उनसे जुड़े बेहद गंभीर आरोपों का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इनके संबंध में जांच एजेंसियों की ओर से कोई निष्कर्ष सामने आना बाकी है।
प्रेमानंद महाराज को जेड प्लस सुरक्षा देने की मांग
दिनेश फलाहारी ने सरकार से संत प्रेमानंद महाराज को जेड प्लस सुरक्षा देने का भी अनुरोध किया है। उनका कहना है कि संत की सुरक्षा आध्यात्मिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। उन्होंने संत से विवादों से दूर रहने और गोवर्धन में रहकर साधना करने की अपील की है।
इससे पहले भी दिनेश फलाहारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर केलिकुंज आश्रम और उसके आसपास की गतिविधियों की निष्पक्ष जांच की मांग कर चुके हैं। उन्होंने आश्रम से जुड़े दो पक्षों के बीच कथित मतभेद और संपत्ति संबंधी गतिविधियों को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
संत प्रेमानंद के समर्थन में आए संत
दूसरी ओर संत प्रेमानंद महाराज के समर्थन में ब्रज के कई संत और भागवताचार्य सामने आए हैं। उनका कहना है कि पूरी जानकारी और तथ्यों की पुष्टि किए बिना किसी संत के खिलाफ आरोप लगाना उचित नहीं है।
भागवताचार्य चित्रलेखा ने कहा कि संत प्रेमानंद महाराज के बारे में बिना पूरी जानकारी के तरह-तरह की बातें की जा रही हैं। उन्होंने अधूरे ज्ञान को खतरनाक बताते हुए कहा कि किसी विषय की पूरी जानकारी न हो तो मौन रहना बेहतर है।
मलूक पीठाधीश्वर महंत राजेंद्र दास महाराज ने भी संतों के खिलाफ होने वाली बयानबाजी पर आपत्ति जताई। वहीं भागवताचार्य अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि बिना तथ्यों की पुष्टि किए संत प्रेमानंद महाराज को बदनाम करने का प्रयास नहीं किया जाना चाहिए।
फिलहाल दिनेश फलाहारी द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में इन दावों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।





















