ड्राइवर अलग रखा गया
लखनऊ। चिकन कारोबारी शिवा हत्याकांड की आरोपी श्रद्धा दुबे आखिरकार पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद जेल पहुंच गई। उसके साथ उसकी बहन रश्मि दुबे और चालक तनवीर अली उर्फ दानिश को भी जिला जेल में दाखिल कराया गया। दस दिन तक पुलिस को छकाने के बाद तीनों आरोपियों को बृहस्पतिवार रात करीब 8:30 बजे कड़ी सुरक्षा के बीच जेल लाया गया। जेल प्रशासन ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने, तलाशी लेने और मेडिकल परीक्षण कराने के बाद तीनों को अलग-अलग बैरकों में रखा है।
एसीपी गोसाईंगंज ऋषभ यादव की अगुवाई में इंस्पेक्टर सुशांत गोल्फ सिटी राजीव रंजन उपाध्याय पुलिस टीम के साथ तीनों आरोपियों को लेकर जिला जेल पहुंचे। सुरक्षा के मद्देनजर आधा दर्जन पुलिस वाहनों का काफिला साथ रहा। जेल के मुख्य द्वार पर तीनों से संबंधित विवरण गेट बुक में दर्ज किया गया। इसके बाद जेल की निर्धारित प्रक्रिया के तहत उनकी तलाशी और स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया।
बहन के साथ महिला क्वारंटीन बैरक में रहेगी श्रद्धा
जिला जेल के जेलर ऋत्विक प्रियदर्शी के मुताबिक, कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद श्रद्धा दुबे और उसकी बहन रश्मि दुबे को महिला बैरक के क्वारंटीन हिस्से में रखा गया है। दोनों को अन्य महिला बंदियों से अलग रखा गया है। उनकी सुरक्षा और गतिविधियों पर विशेष निगरानी की व्यवस्था की गई है।
दोनों बहनों की निगरानी के लिए चार महिला जेलकर्मियों को लगाया गया है। इसके अलावा महिला डिप्टी जेलर भी उनकी गतिविधियों पर नजर रखेंगी। जेल प्रशासन के अनुसार, दोनों को जेल नियमावली के तहत निर्धारित सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
चालक तनवीर को पुरुष बैरक में रखा गया
इस मामले के तीसरे आरोपी चालक तनवीर अली उर्फ दानिश को दोनों बहनों से अलग पुरुष बैरक में रखा गया है। उसे जेल के सर्किल पांच की मुलाहिजा बैरक में बंद किया गया है। जेल प्रशासन उसकी गतिविधियों पर सीसीटीवी कैमरों के जरिए भी नजर रख रहा है।
जेल पहुंचने के बाद तीनों आरोपियों को निर्धारित सुरक्षा व्यवस्था के तहत रखा गया है। जेल प्रशासन का कहना है कि उनकी निगरानी जेल मैनुअल के अनुसार की जा रही है।
शिवा हत्याकांड में जांच के घेरे में हैं तीनों आरोपी
चिकन कारोबारी शिवा हत्याकांड में श्रद्धा दुबे मुख्य आरोपियों में शामिल है। उसकी बहन रश्मि दुबे और चालक तनवीर अली उर्फ दानिश की भूमिका की भी जांच की जा रही है। मामले में पुलिस तीनों से पूछताछ कर चुकी है और उनके बयानों के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
श्रद्धा के फरार रहने के दौरान उसकी लोकेशन, संपर्कों और कथित तौर पर उसे मदद पहुंचाने वाले लोगों को लेकर भी जांच की गई। पुलिस की जांच का उद्देश्य हत्याकांड से जुड़े घटनाक्रम और आरोपियों की भूमिका के बारे में साक्ष्य जुटाना है। अब तीनों के जेल पहुंचने के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया अदालत के निर्देशों और जांच की प्रगति के अनुसार चलेगी।
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