सुबह 6:03 से 9:56 बजे तक शुभ मुहूर्त
लखनऊ। शारदीय नवरात्र का प्रारंभ 11 अक्टूबर, रविवार से होगा। नवरात्र के पहले दिन प्रतिपदा तिथि में घटस्थापना और देवी पूजा का विशेष महत्व है। ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल के अनुसार, घटस्थापना के लिए प्रातःकाल का समय शुभ माना जाता है। यदि किसी कारणवश सुबह के निर्धारित समय में घटस्थापना संभव न हो, तो अभिजित मुहूर्त में भी कलश स्थापना की जा सकती है।
स्वास्तिक ज्योतिष केंद्र, अलीगंज, लखनऊ के ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल ने बताया कि वैदिक दृक पंचांग के अनुसार, 11 अक्टूबर को घटस्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 6:03 बजे से 9:56 बजे तक रहेगा। वहीं, अभिजित मुहूर्त में घटस्थापना के लिए दिन में 11:30 बजे से दोपहर 12:16 बजे तक का समय श्रेष्ठ रहेगा।
चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग भी रहेंगे
ज्योतिषाचार्य के अनुसार, 11 अक्टूबर को घटस्थापना के समय चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग रहेंगे। चित्रा नक्षत्र 10 अक्टूबर की रात 9:42 बजे शुरू होकर 11 अक्टूबर की रात 10:32 बजे तक रहेगा। वहीं, वैधृति योग 10 अक्टूबर की रात 10:02 बजे से शुरू होकर 11 अक्टूबर की रात 9:05 बजे समाप्त होगा।
परंपरागत मुहूर्त गणना में चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग के दौरान घटस्थापना से बचने की सलाह दी जाती है, हालांकि इन्हें पूर्णतः वर्जित नहीं माना गया है। नवरात्र में घटस्थापना प्रतिपदा तिथि के दौरान मध्याह्न से पहले करना उचित माना जाता है।
ऐसे में श्रद्धालु अपनी सुविधा और पंचांग में दिए गए मुहूर्त के अनुसार घटस्थापना कर मां दुर्गा की पूजा-अर्चना कर सकते हैं।
ज्योतिषाचार्य: एसएस नागपाल, स्वास्तिक ज्योतिष केंद्र, अलीगंज, लखनऊ।






















