नवंबर में लगेंगे मेगा कैंप
डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट अभियान 5.0 के तहत एक से 30 नवंबर तक मिलेगी सुविधा, डीडीयू मंडल के पांच स्टेशनों पर दो से छह नवंबर तक शिविर
हाजीपुर/पीडीडीयू नगर। पूर्व मध्य रेल ने रेलवे पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनभोगियों की सुविधा के लिए डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट अभियान 5.0 शुरू करने की तैयारी की है। इसके तहत एक से 30 नवंबर तक पेंशनभोगी घर बैठे ऑनलाइन डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र जमा कर सकेंगे। इससे उन्हें हर साल जीवन प्रमाण-पत्र जमा करने के लिए बैंक जाने की परेशानी से राहत मिलेगी। अभियान के तहत विभिन्न मंडलों और प्रमुख स्टेशनों पर मेगा कैंप भी लगाए जाएंगे, जहां पेंशनरों को डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र बनाने में सहायता दी जाएगी।
रेलवे के अनुसार, डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र जमा करने के लिए पेंशनभोगियों को गूगल प्ले स्टोर से यूआईडीएआई का ‘आधार फेस आरडी’ और ‘जीवन प्रमाण’ एप डाउनलोड करना होगा। दोनों एप इंस्टॉल करने के बाद निर्धारित प्रक्रिया पूरी कर चेहरे के प्रमाणीकरण के माध्यम से डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र तैयार किया जा सकता है। इस सुविधा से विशेष रूप से उन वरिष्ठ नागरिकों को लाभ मिलेगा, जिन्हें बैंक या अन्य कार्यालयों तक पहुंचने में परेशानी होती है।
80 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनभोगियों के लिए अक्टूबर के अंतिम सप्ताह से ही डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र जमा करने की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। प्रक्रिया के दौरान किसी तरह की परेशानी होने पर पेंशनभोगी पूर्व मध्य रेल के कार्मिक या लेखा विभाग अथवा संबंधित बैंक से संपर्क कर सकते हैं।
डीडीयू मंडल में दो से छह नवंबर तक पांच स्टेशनों पर मेगा कैंप आयोजित किए जाएंगे। इनमें पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, भभुआ रोड, सासाराम, डेहरी ऑन सोन और गया स्टेशन शामिल हैं। इसके अलावा पूर्व मध्य रेल के मुख्यालय हाजीपुर स्थित कार्मिक विभाग के वेलफेयर सेक्शन में भी दो से छह नवंबर तक शिविर लगाया जाएगा।
धनबाद, दानापुर और सोनपुर मंडलों के विभिन्न स्टेशनों तथा मंडल रेल प्रबंधक कार्यालयों में भी निर्धारित तिथियों पर कैंप आयोजित होंगे। समस्तीपुर मंडल के कई स्टेशनों, पेंशन एसोसिएशन कार्यालय तथा हरनौत और समस्तीपुर वर्कशॉप में भी मेगा कैंप लगाए जाएंगे।
रेलवे का उद्देश्य डिजिटल तकनीक के माध्यम से जीवन प्रमाण-पत्र जमा करने की प्रक्रिया को आसान बनाना और पेंशनरों को अनावश्यक भागदौड़ से राहत देना है। पेंशनभोगी ऑनलाइन सुविधा का लाभ ले सकते हैं और आवश्यकता पड़ने पर निर्धारित कैंपों में पहुंचकर सहायता प्राप्त कर सकते हैं।





















