Devkali Temple Auraiya: सावन के दूसरे सोमवार को बीहड़ांचल स्थित ऐतिहासिक देवकली मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही मंदिर परिसर ‘बम भोले’ के जयकारों से गूंजता रहा। जिले के साथ आसपास के कई जनपदों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर जलाभिषेक किया। इस दौरान जिलाधिकारी बृजेश कुमार और पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती ने मंदिर परिसर में पहुंचकर श्रद्धालुओं का स्वागत किया। दोनों अधिकारियों ने श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा की, जिससे मंदिर परिसर में भक्ति और उत्साह का माहौल नजर आया। फायर मशीन के माध्यम से भी श्रद्धालुओं पर फूलों की वर्षा की गई।
अलग-अलग कतारों में कराए गए दर्शन
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए मंदिर के बाहर महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था की गई। इससे श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से मंदिर में प्रवेश कराया गया और दर्शन कराने की व्यवस्था सुचारु रही। दोपहर तक मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। औरैया के अलावा जालौन, कानपुर देहात, कानपुर, लखनऊ, आगरा, कन्नौज और इटावा समेत कई जिलों से बड़ी संख्या में लोग देवकली मंदिर पहुंचे।
कांवड़ियों ने किया जलाभिषेक
सैकड़ों की संख्या में कांवड़िए भी गंगाजल लेकर देवकली मंदिर पहुंचे। उन्होंने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए पूजा-अर्चना की। मंदिर परिसर में लगातार ‘बम भोले’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारे गूंजते रहे।
सुरक्षा व्यवस्था पर रही विशेष नजर
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर और आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस और पीएसी के जवानों की तैनाती के साथ ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से भी पूरे क्षेत्र पर नजर रखी गई। मंदिर के गर्भगृह में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए सादे कपड़ों में महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की गई थी। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड की टीम को भी मौके पर तैनात रखा गया।
मेले में उमड़ी भीड़
देवकली मंदिर परिसर में सावन के अवसर पर मेले का भी आयोजन हुआ। दर्शन-पूजन के बाद श्रद्धालुओं ने मेले में खरीदारी की। दैनिक जरूरतों के सामान से लेकर अन्य वस्तुओं की दुकानों पर भी लोगों की भीड़ देखने को मिली। सावन के दूसरे सोमवार को देवकली मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ और प्रशासन की व्यवस्थाओं के चलते पूरे क्षेत्र में आस्था और उत्साह का माहौल बना रहा।






