अयोध्या। शारदीय नवरात्र और दुर्गा पूजा को लेकर अयोध्या में तैयारियां तेज हो गई हैं। पूरे जनपद में करीब 2700 स्थानों पर मां भगवती की प्रतिमाएं स्थापित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाएगी। वहीं, लगभग 200 स्थानों पर रामलीला का मंचन होगा। महानगर क्षेत्र में करीब 200 दुर्गा पूजा पंडाल सजाए जाएंगे, जबकि 10 स्थानों पर रामलीला का आयोजन किया जाएगा। त्योहार को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह के बीच आयोजक समितियां भी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटी हैं।
केंद्रीय दुर्गा पूजा एवं रामलीला समन्वय समिति ने शुक्रवार को स्थानीय आभा होटल के सभागार में प्रेसवार्ता कर उत्सव की तैयारियों और जरूरी व्यवस्थाओं की जानकारी दी। समिति के जिलाध्यक्ष मनोज जायसवाल ने कहा कि त्योहार के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही आसान बनाए रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने चौक घंटाघर से नाका हनुमानगढ़ी तक मुख्य मार्ग की बदहाल स्थिति पर चिंता जताई। सीवर लाइन के काम के चलते खोदी गई सड़क से लोगों को परेशानी हो रही है। समिति ने प्रशासन से मांग की कि नवरात्र और दुर्गा पूजा के दौरान लोगों को आवागमन में दिक्कत न हो, इसके लिए सड़क को जल्द चलने योग्य बनाया जाए।
मनोज जायसवाल ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी जिला प्रशासन से वर्ष 2013 की तरह इंतजाम करने की मांग की। त्योहार के दौरान पंडालों में दर्शन-पूजन और रामलीला देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में यातायात, सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होगी। समिति का कहना है कि समय रहते जरूरी व्यवस्थाएं पूरी होने से श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के उत्सव में शामिल हो सकेंगे और धार्मिक आयोजनों का आनंद उठा पाएंगे।
प्रतिमा विसर्जन को लेकर भी इस बार विशेष तैयारी की जा रही है। समिति के मुताबिक, निर्मली कुंड स्थित विसर्जन स्थल पर पहले से बड़ा घाट बनाया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान सुविधा मिल सके। इसके साथ ही केंद्रीय समिति की ओर से घाट पर विशाल भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा। अब सभी की नजर प्रशासन की तैयारियों पर है, ताकि मां भगवती की आराधना और रामलीला के आयोजनों के बीच अयोध्या में उत्सव का माहौल बना रहे और श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।





















