बाराबंकी। भारत विभाजन के दौरान हुए विस्थापन, पीड़ा और मानवीय त्रासदी को याद करते हुए शुक्रवार को कलेक्ट्रेट स्थित लोकसभागार में ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री सतीश चंद्र शर्मा और एमएलसी गोविंद नारायण शुक्ल समेत जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और गणमान्य नागरिकों ने हिस्सा लिया। इस दौरान विभाजन में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनकी स्मृति को नमन किया गया।
कार्यक्रम के बाद कलेक्ट्रेट परिसर से पटेल तिराहे तक मौन जुलूस निकाला गया। हाथों में तख्तियां और गंभीर भाव लिए लोग शांतिपूर्वक आगे बढ़े। जुलूस का उद्देश्य विभाजन के दौरान पीड़ा झेलने वाले लोगों को याद करने के साथ समाज में एकता और भाईचारे का संदेश देना रहा। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में कर्मचारियों एवं स्थानीय लोगों ने भी इसमें सहभागिता की।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि विभाजन का दौर देश के इतिहास का बेहद दर्दनाक अध्याय रहा है। लाखों लोगों को अपना घर-बार छोड़कर विस्थापन का दर्द झेलना पड़ा और बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी जान गंवाई। उन्होंने कहा कि इस त्रासदी को याद करने का उद्देश्य किसी के प्रति वैमनस्य पैदा करना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को शांति, सद्भाव और राष्ट्रीय एकता का महत्व समझाना है।
इस मौके पर मौजूद लोगों ने सामाजिक सौहार्द, आपसी भाईचारे और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का संकल्प लिया। जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने सभी अतिथियों और जनप्रतिनिधियों का आभार जताते हुए कहा कि इतिहास की त्रासदियों से सीख लेकर शांतिपूर्ण और समरस समाज बनाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। कार्यक्रम में बैजनाथ रावत, राजरानी रावत, अंगद सिंह, साकेन्द्र प्रताप वर्मा, राम सिंह वर्मा समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।






















